बिहार: करोड़ों की ठगी के आरोप में म्यूजिक कंपनी पर ED का शिकंजा, मुंगेर में कई ठिकानों पर छापेमारी
बिहार के मुंगेर में एक म्यूजिक कंपनी द्वारा करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गुरुवार को ईडी…
बिहार के मुंगेर में एक म्यूजिक कंपनी द्वारा करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गुरुवार को ईडी की टीमों ने जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई चिटफंड की तरह अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेशकों से पैसे ऐंठने और फिर फरार हो जाने के आरोपों से जुड़ी है।
ईडी के अधिकारियों ने गुरुवार सुबह-सुबह जमालपुर थाना क्षेत्र के नया टोला फुलका इलाके में कंपनी के निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव के आवास पर दबिश दी। टीम ने घर में मौजूद लोगों से पूछताछ की और बड़ी संख्या में वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
क्या हैं कंपनी पर आरोप?
जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज पर आरोप है कि उसने लोगों को ऊंचे रिटर्न का झांसा देकर करोड़ों रुपये का निवेश कराया। बाद में, जब निवेशकों की रकम लौटाने का समय आया, तो कंपनी के संचालक कार्यालय बंद कर फरार हो गए। इस धोखाधड़ी के सामने आने के बाद बड़ी संख्या में निवेशकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 18 नवंबर 2024 को जब निवेशकों ने कंपनी के दफ्तर पर ताला लगा पाया, तो उन्होंने जमालपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। पुलिस जांच के दौरान कंपनी का निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव फरार हो गया था, लेकिन बाद में उसने मुंगेर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है।
मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच
अब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जांच शुरू की है। एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और क्या इस पैसे को अवैध तरीके से कहीं और लगाया गया। ईडी ने छापेमारी के दौरान बैंक खातों, निवेश से जुड़े कागजात और वित्तीय लेन-देन के अन्य सबूतों को खंगाला है। फिलहाल कार्रवाई जारी है और ईडी की ओर से बरामदगी को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
इनपुट: IANS



