पटना में गंगा ने तोड़ा 2016 का रिकॉर्ड, गांधीघाट पर जलस्तर अब तक के उच्चतम स्तर पर
बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी का जलस्तर पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़कर अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को गांधीघाट पर नदी ने 2016 में दर्ज…
बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी का जलस्तर पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़कर अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को गांधीघाट पर नदी ने 2016 में दर्ज किए गए अपने उच्चतम जलस्तर (HFL) को भी पार कर लिया। सोन और घाघरा नदियों से आए अतिरिक्त पानी के कारण गंगा में यह उफान आया है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने शनिवार को स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दो-तीन दिनों में गंगा के जलस्तर में तेज़ी से वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि गांधीघाट पर 2016 का रिकॉर्ड 50.52 मीटर का था, जबकि शनिवार सुबह लगभग 11 बजे जलस्तर 50.53 मीटर तक पहुँच गया, जो पुराने रिकॉर्ड से एक सेंटीमीटर ज़्यादा है।
जलस्तर बढ़ने की वजह और आगे की संभावना
मंत्री विजय चौधरी ने बताया कि गंगा में इस उफान का मुख्य कारण सोन और घाघरा नदियों से भारी मात्रा में पानी आना है। हालाँकि, अब सोन नदी का जलस्तर घट रहा है और घाघरा नदी स्थिर हो गई है। इसे देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 24 घंटों में स्थिति सामान्य होने लगेगी। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि गंगा के जलस्तर में अभी थोड़ी और वृद्धि की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन अलर्ट, रिहायशी इलाकों पर नज़र
उपमुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ का पानी किसी भी रिहायशी इलाके में न घुसे। इसके लिए सभी ज़रूरी उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "विभाग के अधिकारी सभी संवेदनशील और खतरनाक बिंदुओं पर पूरी तरह मुस्तैद हैं। आज का दिन चुनौतीपूर्ण है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।" प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही और राहत कार्यों के लिए नावों की व्यवस्था भी की जा रही है।
इनपुट: IANS



