सोमवार, 7 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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बिहार में बाढ़ से हालात भयावह, JDU महासचिव श्याम रजक ने की एयर ड्रॉप से खाना पहुंचाने की मांग

बिहार में बाढ़ ने गंभीर रूप ले लिया है, जिससे कई गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। इस विनाशकारी स्थिति को देखते हुए JDU के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने सरकार से राहत कार्यों में तेजी लाने…

बिहार में बाढ़ से हालात भयावह, JDU महासचिव श्याम रजक ने की एयर ड्रॉप से खाना पहुंचाने की मांग
(फोटो: IANS)

बिहार में बाढ़ ने गंभीर रूप ले लिया है, जिससे कई गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। इस विनाशकारी स्थिति को देखते हुए JDU के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने सरकार से राहत कार्यों में तेजी लाने की अपील की है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिन इलाकों तक पहुंचना असंभव हो गया है, वहां एयर ड्रॉप के जरिए भोजन पहुंचाना अब नितांत आवश्यक हो गया है।

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श्याम रजक के अनुसार, लगभग 16-17 गांव ऐसे हैं जो सड़क संपर्क कट जाने के कारण बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इन क्षेत्रों में नाव ही आने-जाने का एकमात्र जरिया है, लेकिन उनकी संख्या जरूरत से काफी कम है। उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर सिर्फ दो नावें हैं, जबकि मौजूदा हालात में कम से कम 25 से 30 नावों की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय पर भोजन और राहत सामग्री नहीं पहुंची, तो स्थिति और भी बिगड़ सकती है।

संसाधनों की कमी और प्रशासन के प्रयास

JDU नेता ने स्वीकार किया कि जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन के पास संसाधनों की कमी है, लेकिन उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल अधिकारी पूरी क्षमता से कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "जगह-जगह रास्ते कट चुके हैं और लोगों को तत्काल राहत की जरूरत है।" उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए और अधिक इंजीनियरों, निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी संसाधनों की जरूरत पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने अपने क्षेत्र में तीन बच्चियों की मौत का जिक्र करते हुए पोस्टमार्टम प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की, ताकि शवों का अंतिम संस्कार जल्द हो सके।

विपक्ष की आलोचना पर पलटवार

बाढ़ को लेकर सरकार पर हो रही विपक्ष की आलोचना पर श्याम रजक ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "घर में बैठकर भाषण देना आसान है लेकिन आपदा के समय जनता के बीच जाकर खड़ा होना जरूरी है।" उन्होंने विपक्षी नेताओं को बयानबाजी छोड़कर प्रभावित लोगों के बीच जाने की नसीहत दी। उन्होंने यह भी कहा कि यह आपदा में मिलकर काम करने का समय है और सरकार अकेले सब कुछ नहीं कर सकती। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से राहत कार्यों में योगदान देने की अपील की।

पटना में जर्जर इमारतें और अन्य मुद्दे

बाढ़ के अलावा श्याम रजक ने पटना में जर्जर इमारतों के खतरे पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने अनिसाबाद, यारपुर और कन्हैया नगर जैसे इलाकों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां गरीब और दलित परिवार असुरक्षित मकानों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इन परिवारों के लिए सुरक्षित अपार्टमेंट बनाने का आग्रह किया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े कथित शुद्धिकरण विवाद पर उन्होंने कहा कि छुआछूत जैसी सामाजिक बुराई सिर्फ कानून से नहीं, बल्कि समाज की सोच में बदलाव लाने से ही खत्म होगी।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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