बिहार में गंगा का रौद्र रूप: 5 जिलों में 7.8 लाख लोग प्रभावित, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बिहार में गंगा नदी के उफान ने लाखों लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के पांच प्रमुख जिलों - भागलपुर, भोजपुर, पटना, सारण और वैशाली - में ही करीब 7.8 लाख लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। समाचार…
बिहार में गंगा नदी के उफान ने लाखों लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के पांच प्रमुख जिलों - भागलपुर, भोजपुर, पटना, सारण और वैशाली - में ही करीब 7.8 लाख लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, गंगा के साथ-साथ कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा जैसी कई प्रमुख नदियां भी विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, जिससे बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
जल संसाधन विभाग के शनिवार सुबह के आंकड़ों ने इस गंभीर स्थिति की पुष्टि की है। आंकड़ों के मुताबिक, पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 1.83 मीटर और हाथीदह में 1.61 मीटर ऊपर था। वहीं, कहलगांव में यह 1.22 मीटर और श्रीपालपुर में पुनपुन नदी 2.68 मीटर ऊपर बह रही थी।
सबसे ज्यादा प्रभावित जिले
भोजपुर: यहां गंगा के बढ़ते जलस्तर ने निचले इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया है। जिले के चार प्रखंडों में लगभग 2.84 लाख की आबादी बाढ़ से जूझ रही है। प्रशासन यहां 13 सामुदायिक रसोई चला रहा है।
पटना: राजधानी के नौ प्रखंडों में गंगा के पानी ने कहर बरपाया है, जिससे करीब 2.32 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावितों के लिए पहले से चल रहे आठ सामुदायिक रसोइयों के अलावा शनिवार से सात और केंद्र शुरू किए जा रहे हैं।
वैशाली: जिले के तीन प्रखंडों में करीब 85 हजार की आबादी बाढ़ से घिरी है। यहां एक राहत शिविर में 326 लोगों ने शरण ली है और एक सामुदायिक रसोई का संचालन भी किया जा रहा है।
भागलपुर: यहां 23 अगस्त को काजीकौरैय-राघोपुर मार्जिनल बांध का 30 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे राघोपुर पंचायत के पांच वार्डों में पानी भर गया। इससे लगभग 5,000 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनके लिए छह सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं।
सारण: जिले के पांच प्रखंडों में करीब 20 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जिनके लिए एक सामुदायिक रसोई केंद्र की व्यवस्था की गई है।
अन्य जिलों में भी बाढ़ का असर
बाढ़ का असर सिर्फ इन पांच जिलों तक ही सीमित नहीं है। निचले इलाकों में पानी फैलने से कई अन्य जिलों में भी हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें अरवल में 32 हजार, बक्सर में 10 हजार, बेगूसराय में 21,700, समस्तीपुर में 11,800, खगड़िया में 8,500, मुंगेर में 38 हजार और कटिहार में 36 हजार लोग शामिल हैं।
प्रशासन के राहत एवं बचाव कार्य
बाढ़ प्रभावितों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए प्रशासन 18 जिलों में कुल 693 नावों का परिचालन कर रहा है। सबसे ज्यादा 155 नावें वैशाली में, 88 समस्तीपुर में और 87 भोजपुर में चल रही हैं। इसके अतिरिक्त, 11 जिलों में 7,107 पॉलीथिन शीट और तीन जिलों में 1,764 सूखा राशन पैकेट वितरित किए गए हैं। जिला प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
इनपुट: IANS



