बिहार में बाढ़ का कहर: 14 जिलों में 43 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित, कई नदियां उफान पर
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिसके कारण 14 जिलों में 43.64 लाख से अधिक की आबादी पर असर पड़ा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि कई प्रमुख नदियों के जलस्तर में अब कमी…
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिसके कारण 14 जिलों में 43.64 लाख से अधिक की आबादी पर असर पड़ा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि कई प्रमुख नदियों के जलस्तर में अब कमी देखी जा रही है, लेकिन गंगा, गंडक, कोसी और बागमती समेत कई नदियां अब भी कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ ने राज्य के 85 प्रखंडों की 527 ग्राम पंचायतों को अपनी चपेट में ले लिया है। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल शामिल हैं।
नदियों का मौजूदा हाल
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कई नदियां अभी भी खतरे के निशान को पार कर रही हैं। गंडक डुमरिया घाट पर, कोसी बलतारा और कुर्सेला में, बागमती बेनीबाद में और बूढ़ी गंडक खगड़िया में उफान पर है। गंगा नदी भी दीघा, गांधीघाट, हाथीदह, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर है। इसके अलावा पुनपुन श्रीपालपुर में और घाघरा दरौली व गंगपुर सिसवन में भी जलस्तर बढ़ा हुआ है। हालांकि, गुरुवार सुबह ज़्यादातर जगहों पर पानी घटने की प्रवृत्ति देखी गई।
राहत और बचाव कार्य जारी
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया है। आपदा प्रबंधन विभाग का दावा है कि राज्य भर में 951 सामुदायिक रसोई केंद्र चलाए जा रहे हैं, जिनसे अब तक लगभग 33.88 लाख लोगों को भोजन कराया गया है। 15 राहत शिविरों में 11,255 लोगों के रहने, खाने और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
इसके अतिरिक्त, लोगों की मदद के लिए 1,932 नावें चलाई जा रही हैं। त्वरित कार्रवाई के लिए SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें विभिन्न जिलों में तैनात हैं। सरकार की ओर से 2.57 लाख पॉलीथीन शीट, 40,600 सूखे राशन के पैकेट और 6,692 क्विंटल पशुचारा भी बांटा गया है।
इनपुट: IANS



