बिहार: जब गंगा के रौद्र रूप से डरी महिलाओं ने गीत गाकर की प्रार्थना, 'मैया, शांत हो जाओ'
बिहार के भागलपुर में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव ने हजारों लोगों की जिंदगियों पर संकट ला दिया है। नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर इलाके में, जहाँ नदी का रौद्र रूप सबसे ज्यादा डरा रहा है, स्थानीय…
बिहार के भागलपुर में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव ने हजारों लोगों की जिंदगियों पर संकट ला दिया है। नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर इलाके में, जहाँ नदी का रौद्र रूप सबसे ज्यादा डरा रहा है, स्थानीय महिलाओं ने आस्था का सहारा लिया है। वे नरकटिया बांध पर बैठकर पारंपरिक गीत गाकर गंगा से शांत होने की गुहार लगा रही हैं।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन महिलाओं का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक साथ 'हे मैया, हे गंगा मैया, तोरा प्रणाम...' जैसे गीत गाती दिख रही हैं। उनका मानना है कि गंगा सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि उनकी मां हैं और इस मुश्किल घड़ी में केवल वही उन्हें बचा सकती हैं।
कटाव से उजड़ने का डर
गंगा की तेज धारा नरकटिया बांध के किनारे की जमीन को लगातार काट रही है, जिससे कई घर पहले ही नदी में समा चुके हैं। स्थानीय निवासी फगुनी देवी ने भावुक होकर कहा, "हम सब गंगा मैया की संतान हैं और मां से अपने बच्चों पर दया करने की गुहार लगा रहे हैं। अगर कटाव नहीं रुका तो गांव उजड़ जाएगा, हम अपने बाल-बच्चों को लेकर कहां जाएंगे?"
एक अन्य महिला ने बताया कि गंगा का स्वरूप बेहद डरावना है और वे गीत गाकर मैया से प्रार्थना कर रही हैं ताकि सभी अपने घरों में सुरक्षित रह सकें। प्रशासन ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई परिवारों को घर खाली करने का आदेश दिया है।
प्रशासनिक प्रयास और बढ़ती चिंता
एक तरफ जहां महिलाएं अपनी आस्था के सहारे नदी को मनाने में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें कटाव रोकने के काम में लगी हुई हैं। बांध को बचाने के लिए मशीनरी लगाई गई है और संवेदनशील जगहों पर लगातार निगरानी की जा रही है।
चिंता सिर्फ राघोपुर तक सीमित नहीं है। भागलपुर के ही शंकरपुर इलाके में तेज कटाव के कारण रेलवे लाइन के पास स्थित एक चैती दुर्गा मंदिर और एक बजरंगबली मंदिर भी गंगा की धारा में विलीन हो गए। फिलहाल, नरकटिया बांध पर बढ़ता खतरा स्थानीय लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बना हुआ है।
इनपुट: IANS



