भोजपुर एनकाउंटर: आरोपी पुलिस अधिकारी को नई पोस्टिंग, रोहिणी आचार्य ने उठाए जांच पर गंभीर सवाल
बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में एक आरोपी पुलिस अधिकारी को नई जिम्मेदारी मिलने पर राजनीतिक सवाल उठने लगे हैं। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस
बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में एक आरोपी पुलिस अधिकारी को नई जिम्मेदारी मिलने पर राजनीतिक सवाल उठने लगे हैं। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस फैसले को लेकर नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए इसे आरोपी को 'पुरस्कृत' करना बताया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, रोहिणी ने जांच की धीमी गति और पारदर्शिता की कमी पर भी गंभीर चिंता जताई है।
मामला जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा की नई पोस्टिंग से जुड़ा है, जिनका नाम भरत तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हत्या के मामले में दर्ज प्राथमिकी में शामिल है। रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि यह फैसला हैरान करने वाला है और इससे उन आरोपों को बल मिलता है कि इस कथित फर्जी मुठभेड़ को शीर्ष स्तर से सहमति प्राप्त थी।
जांच की प्रक्रिया पर सवाल
रोहिणी आचार्य ने बिहार सरकार और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को संबोधित करते हुए कई सवाल दागे हैं। उन्होंने पूछा कि FIR में करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मियों के नाम होने के बावजूद अब तक किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है? उन्होंने यह भी सवाल किया कि आरोपियों से पूछताछ क्यों नहीं की गई और जांच इतनी धीमी और अपारदर्शी तरीके से क्यों चल रही है।
उन्होंने अपनी पोस्ट में यह आशंका भी व्यक्त की कि क्या जांच में देरी और गिरफ्तारी न होने के पीछे किसी 'बड़े नाम' को बचाने की कोशिश की जा रही है।
मृतक के मोबाइल का मुद्दा
इस मामले में एक और पहलू पर ध्यान खींचते हुए रोहिणी ने कहा कि घटना को लगभग पंद्रह दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक मृतक भरत तिवारी का मोबाइल फोन उनके परिवार को नहीं सौंपा है।
जानकारी के अनुसार, भरत तिवारी जवईनिया गांव के गरीब विस्थापितों के हक की लड़ाई लड़ रहे थे और उन्होंने भोजपुर प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने की बात कही थी, जिसके बाद उनकी कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी।
इनपुट: IANS



