गुरूवार, 23 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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छात्र आंदोलन पर लाठीचार्ज: बिहार विधानसभा में सत्ता-विपक्ष भिड़े, हंगामे के बाद कार्यवाही स्थगित

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन, पटना में छात्रों के प्रदर्शन पर हुए लाठीचार्ज और नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सत्ता पक्ष और…

छात्र आंदोलन पर लाठीचार्ज: बिहार विधानसभा में सत्ता-विपक्ष भिड़े, हंगामे के बाद कार्यवाही स्थगित
(फोटो: IANS)

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन, पटना में छात्रों के प्रदर्शन पर हुए लाठीचार्ज और नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के कारण विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को गुरुवार को सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

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विपक्षी विधायकों ने सत्र शुरू होने से पहले ही विधानसभा परिसर में बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। वे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध कर रहे थे और सरकार की कार्यशैली के खिलाफ नारे लगा रहे थे। राजद विधायक बोगो सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "बिहार में 'तानाशाही' चल रही है और सरकार को न जनता की चिंता है और न ही युवाओं की।" उनका आरोप था कि सरकार युवाओं की आवाज दबा रही है।

सदन में टकराव और आरोप-प्रत्यारोप

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने इन मुद्दों पर जोरदार हंगामा किया। इसी बीच, सत्ता पक्ष के विधायक श्याम बाबू प्रसाद यादव ने बुधवार के प्रदर्शन के दौरान अपनी गाड़ी पर हुए हमले का मामला उठाया। उन्होंने कहा, "डाकबंगला चौराहे पर मेरी गाड़ी खड़ी थी। सैकड़ों की संख्या में हमलावर आए और गाड़ी पर हमला किया।"

इस बयान के बाद दोनों पक्षों के विधायक आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार की शांति की अपीलें बेअसर रहीं, जिसके बाद उन्हें कार्यवाही स्थगित करने का फैसला लेना पड़ा।

सरकार का पक्ष: आंदोलन को बताया 'राजनीति से प्रेरित'

वहीं, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन का अधिकार सभी को है, लेकिन पटना में हुई घटनाएं छात्रों का आंदोलन नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों द्वारा प्रायोजित थीं। उन्होंने आरोप लगाया, "राजद और कांग्रेस के नेताओं के उकसावे में आकर उपद्रव किया गया।"

श्रवण कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि पत्रकारों, पुलिसकर्मियों, आम लोगों और जनप्रतिनिधियों पर हमला करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी और दोषियों के विरुद्ध स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पढ़ने-लिखने वाले छात्र ऐसी हिंसक गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकते और सरकार हिंसा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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