बिहार में बाढ़ का खतरा: सरकार पूरी तरह सजग, मंत्री अशोक चौधरी ने दी तैयारियों की जानकारी
बिहार में गंगा और सोन जैसी प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच राज्य सरकार ने बाढ़ से निपटने के लिए अपनी तैयारियों पर जोर दिया है। सरकार का कहना है कि वह पूरी तरह सजग है और किसी भी स्थिति से निपटने…
बिहार में गंगा और सोन जैसी प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच राज्य सरकार ने बाढ़ से निपटने के लिए अपनी तैयारियों पर जोर दिया है। सरकार का कहना है कि वह पूरी तरह सजग है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरा सरकारी तंत्र तत्परता से काम कर रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, जदयू नेता और मंत्री अशोक चौधरी ने गुरुवार को बताया कि नेपाल और मध्य प्रदेश में हो रही भारी बारिश के असर को देखते हुए लगातार निगरानी की जा रही है।
मीडिया से बातचीत में चौधरी ने कहा कि निचले इलाकों को खाली कराने का काम चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदाओं पर किसी का नियंत्रण नहीं होता, लेकिन सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार में कम बारिश के बावजूद, पड़ोसी राज्यों और नेपाल की बारिश का खामियाजा राज्य को भुगतना पड़ता है।
नदियों के जलस्तर और गाद प्रबंधन पर फोकस
अशोक चौधरी ने जानकारी दी कि जल संसाधन विभाग नेपाल से आने वाले पानी की मात्रा (क्यूसेक) और उसे रोकने की क्षमता की लगातार समीक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा, "गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है और मध्य प्रदेश में बारिश के कारण सोन नदी के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है, लेकिन फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है।" इसी संदर्भ में उन्होंने गाद प्रबंधन नीति की मांग को दोहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी केंद्रीय जल संसाधन मंत्री से इस मुद्दे पर चर्चा की थी। चौधरी के मुताबिक, गाद जमा होने से गंगा का बेसिन फैल गया है, जिससे यह नीति बिहार के लिए बेहद अहम है।
विपक्ष पर साधा निशाना
मंत्री अशोक चौधरी ने विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव द्वारा केंद्र की आर्थिक नीतियों पर उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "तेजस्वी कोई अर्थशास्त्री नहीं हैं और केवल विरोध के लिए बयान दे रहे हैं।" चौधरी ने कहा कि मध्य पूर्व संकट के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था और जीडीपी वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है, जो सरकार की एक उपलब्धि है। विदेश नीति के मुद्दे पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि वह विपक्ष में रहते हुए भी देशहित में सरकार के साथ खड़े थे, जबकि आज के विपक्षी नेता विदेश जाकर प्रधानमंत्री पर सवाल उठाते हैं।
अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर बयान
बाढ़ के दौरान बहकर आने वाली बड़ी मछलियों को लेकर उन्होंने लोगों को आगाह किया। चौधरी ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र के जलाशयों से विषम परिस्थितियों में बहकर आने वाली मछलियां मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं हो सकतीं, इसलिए लोगों को इन्हें खाने से बचना चाहिए। आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने इसे एक संवेदनशील और संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा कि इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता और इससे जुड़ी कोई भी चर्चा सिर्फ संसद में होनी चाहिए, मीडिया में नहीं।
इनपुट: IANS



