भोपाल: दिवाली से पहले सफाईकर्मियों की हड़ताल, सड़कों पर लगे कूड़े के अंबार
त्योहारों के मौसम में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। अपनी मांगों को लेकर नगर निगम के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसके कारण शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गए हैं। समाचार…
त्योहारों के मौसम में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। अपनी मांगों को लेकर नगर निगम के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसके कारण शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
हड़ताल के चलते पिछले तीन दिनों से घरों से कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां नहीं आ रही हैं, जिससे लोगों के घरों में भी कचरा जमा हो गया है। दिवाली का त्योहार नजदीक है, जिसे साफ-सफाई का पर्व माना जाता है। ऐसे में हड़ताल जारी रहने पर शहर की स्थिति और बिगड़ सकती है।
क्या हैं सफाईकर्मियों की मुख्य मांगें?
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग न्यूनतम 25,000 रुपये मासिक वेतन की है। उनका आरोप है कि नगर निगम पिछले कई सालों से उनकी लंबित मांगों को लेकर सिर्फ आश्वासन देता आ रहा है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस बार वे निर्णायक कार्रवाई चाहते हैं। अपने विरोध को दर्शाने के लिए कर्मचारियों ने नगर निगम मुख्यालय में गाड़ियां खड़ी कर दी हैं और वहीं जमा होकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जहां उन्हें अन्य कर्मचारियों का भी समर्थन मिल रहा है।
विपक्ष ने साधा निगम परिषद पर निशाना
इस मामले पर निगम की नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि कांग्रेस हर बैठक में सफाई कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं का मुद्दा उठाती है, लेकिन परिषद इस पर ध्यान नहीं देती। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम परिषद करोड़ों रुपये के अन्य कामों को तो मंजूरी दे देती है, पर शहर को साफ रखने वालों की समस्याओं को नजरअंदाज कर देती है।
भोपाल में कुल 85 वार्ड और 19 जोन हैं, और इस हड़ताल का असर लगभग सभी इलाकों की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है, जिससे आम नागरिक परेशान हैं।
इनपुट: IANS



