बांग्लादेश: यूनुस सरकार के दौर में खसरा वैक्सीन खरीद में गड़बड़ी, जांच के लिए आयोग गठित
बांग्लादेश में 2026 के दौरान फैले खसरे के प्रकोप को लेकर पूर्व अंतरिम सरकार के कार्यकाल की जांच शुरू हो गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सरकार ने खसरा (मीजल्स) वैक्सीन की खरीद और वितरण में हुई…
बांग्लादेश में 2026 के दौरान फैले खसरे के प्रकोप को लेकर पूर्व अंतरिम सरकार के कार्यकाल की जांच शुरू हो गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सरकार ने खसरा (मीजल्स) वैक्सीन की खरीद और वितरण में हुई कथित प्रशासनिक चूकों और अनियमितताओं का पता लगाने के लिए एक तीन सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया है। यह जांच मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के कार्यकाल पर केंद्रित होगी।
यह आयोग 8 अगस्त 2024 से 17 फरवरी 2026 के बीच की अवधि में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल करेगा। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 60 कार्यदिवसों का समय दिया गया है। जांच के दौरान, आयोग को देश में कहीं भी निरीक्षण करने और किसी भी व्यक्ति से पूछताछ करने का अधिकार होगा।
जांच आयोग की संरचना और कार्य
उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश मामून रहमान इस तीन सदस्यीय आयोग की अध्यक्षता करेंगे। इसमें बांग्लादेश कॉलेज ऑफ फिजिशियन एंड सर्जन्स (बीसीपीएस) के अध्यक्ष मावदुद हुसैन आलमगीर और स्वास्थ्य सेवा प्रभाग के अतिरिक्त सचिव एबीएम मोइनुल इस्लाम सदस्य के रूप में शामिल हैं। आयोग का मुख्य काम वैक्सीन खरीद में हुई देरी और प्रशासनिक विफलताओं के कारणों को उजागर करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उपाय सुझाना है।
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में गंभीर सवाल
इस साल अगस्त में, कनाडा स्थित संगठन ग्लोबल सेंटर फॉर डेमोक्रेटिक गवर्नेंस (जीसीडीजी) ने अपनी रिपोर्ट 'प्रिवेंटेबल ट्रेजेडी: बांग्लादेश्स 2026 मीजल्स आउटब्रेक' में इस प्रकोप को हाल के इतिहास का सबसे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बताया था। रिपोर्ट के अनुसार, यह संकट अप्रत्याशित नहीं था, बल्कि 2024-25 के दौरान टीकाकरण में आई रुकावटों और प्रशासनिक देरी का नतीजा था।
जीसीडीजी ने बताया कि अंतरिम सरकार ने टीकों की खरीद के लिए संयुक्त राष्ट्र की स्थापित व्यवस्था को बदलकर खुली निविदा प्रक्रिया अपनाई थी। रिपोर्ट में यूनिसेफ के हवाले से कहा गया कि संगठन ने 2024 से 2026 के बीच कई बार पत्रों और बैठकों के माध्यम से सरकार को वैक्सीन की संभावित कमी के बारे में आगाह किया था।
टीकाकरण कवरेज में भारी गिरावट
रिपोर्ट में स्थानीय समाचार पत्र 'समकाल' के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा गया कि 2025 में खसरा टीकाकरण कवरेज घटकर 56.2% रह गया था, जो 2017 के बाद का सबसे निचला स्तर था। यूनिसेफ के अनुसार, धन आवंटित होने के बावजूद, खरीद प्रक्रिया पर अनिर्णय के कारण समय पर टीके नहीं खरीदे जा सके। अगस्त से नवंबर 2025 के बीच केवल 1.78 करोड़ खुराकें ही खरीदी गईं, जबकि बांग्लादेश को सालाना लगभग सात करोड़ खुराकों की जरूरत होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी बाद में माना कि 2024-25 में वैक्सीन स्टॉक खत्म होना और टीकाकरण में कमी 2026 के प्रकोप का मुख्य कारण थे।
इनपुट: IANS



