मंगलवार, 21 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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बिहार: बांकीपुर उपचुनाव में प्रतिष्ठा की जंग, भाजपा-राजद की सीधी टक्कर के बीच प्रशांत किशोर की त्रिकोणीय बनाने की कोशिश

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। 30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले चुनाव प्रचार अपने चरम पर है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनता…

बिहार: बांकीपुर उपचुनाव में प्रतिष्ठा की जंग, भाजपा-राजद की सीधी टक्कर के बीच प्रशांत किशोर की त्रिकोणीय बनाने की कोशिश
(फोटो: IANS)

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। 30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले चुनाव प्रचार अपने चरम पर है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। वहीं, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर अपनी सक्रिय मौजूदगी से इस चुनावी लड़ाई को त्रिकोणीय बनाने में जुटे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह उपचुनाव अब सभी प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।

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भाजपा ने अपने उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के लिए पूरी संगठनात्मक ताकत झोंक दी है। पार्टी ने अपने 40 स्टार प्रचारकों को मैदान में उतारा है, जो बूथ स्तर तक जनसभाएं और घर-घर जाकर संपर्क अभियान चला रहे हैं। भाजपा का दावा है कि उसके मजबूत कार्यकर्ता नेटवर्क के कारण उसे स्पष्ट बढ़त हासिल है।

दावों और प्रतिदावों का दौर

पार्टी की जीत को लेकर आश्वस्त भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, "बांकीपुर में पार्टी की जीत तय है।" उन्होंने यह भी दावा किया कि राजद और जन सुराज दूसरे स्थान के लिए संघर्ष कर रहे हैं और भाजपा का किसी से सीधा मुकाबला नहीं है।

दूसरी ओर, राजद भी इस चुनाव को पूरी गंभीरता से ले रहा है। पार्टी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता के पक्ष में वरिष्ठ नेता लगातार प्रचार कर रहे हैं, हालांकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अभी मैदान में नहीं उतरे हैं। राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने पलटवार करते हुए कहा, "भ्रम में मत रहिए। अभी तो राष्ट्रीय जनता दल ने सिर्फ मंदिर की घंटी बजाई है और पूरी एनडीए बेचैन हो गई है। भाजपा ने राजद प्रत्याशी के डर से अपना उम्मीदवार तक बदल दिया। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जनता इस बार बेहतर जनप्रतिनिधि चुनेगी।" उन्होंने विश्वास जताया कि बांकीपुर का दलित, पिछड़ा, मुस्लिम और अन्य वंचित वर्ग राजद प्रत्याशी को जिताएगा।

प्रशांत किशोर की चुनौती

इस बीच, जन सुराज के प्रशांत किशोर अपनी सभाओं और सोशल मीडिया अभियानों से खासी चर्चा बटोर रहे हैं। वे लगातार मतदाताओं के बीच सक्रिय हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा और राजद की तुलना में जन सुराज का संगठनात्मक ढांचा कई इलाकों में कमजोर है, जो उनके लिए एक बड़ी चुनौती है। यदि जन सुराज उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करता है, तो यह किसी एक दल के वोट बैंक को प्रभावित कर मुकाबले को और भी दिलचस्प बना सकता है।

बांकीपुर में 30 जुलाई को मतदान होगा और वोटों की गिनती 3 अगस्त को की जाएगी, जिसके बाद नतीजों की घोषणा होगी।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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