अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी: अखिलेश यादव ने SIT को बताया 'चोरी में हिस्सेदारी', सरकार पर बोला हमला
अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट ने गिनती प्रक्रिया में खामियां उजागर की हैं। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए जांच को 'चोरी में हिस्सेदारी' और 'महापाप' बताया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 200 किलो चांदी गायब होने का भी आरोप है, जिससे राजनीतिक विवाद गहरा गया है।
मुख्य घटनाक्रम
अयोध्या, उत्तर प्रदेश। अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे में कथित हेरफेर और चोरी के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस पूरी घटना को 'महापाप' और 'विश्वास में सेंध' बताते हुए SIT का मतलब 'शेयर इन थेफ्ट' यानी 'चोरी में हिस्सेदारी' बताया है।
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब SIT ने 24 जून, 2026 को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रदेश के गृह विभाग को सौंपी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस रिपोर्ट में मंदिर में चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया और उसकी निगरानी प्रणाली में गंभीर खामियों का जिक्र किया गया है, जिससे इस पूरे मामले में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
SIT जांच में क्या हुआ खुलासा?
विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट ने मंदिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, चढ़ावे की गिनती के दौरान मौजूदा प्रक्रिया और निगरानी में कई ऐसी कमियां हैं जिनका फायदा उठाया जा सकता है।
- प्रक्रिया पर सवाल: SIT ने अपनी रिपोर्ट में चढ़ावा गिनती की पूरी प्रक्रिया को ही सवालों के घेरे में रखा है।
- अधिकारियों पर शक: जांच की आंच कई कर्मचारियों से लेकर बड़े अधिकारियों तक पहुंच रही है, जिन पर इस मामले में संलिप्त होने का संदेह है।
- 200 किलो चांदी गायब होने का आरोप: कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि मंदिर के चढ़ावे से करीब 200 किलोग्राम चांदी गायब है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
- विस्तृत जांच की मांग: मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में और अधिक समय व अतिरिक्त अधिकारियों की मांग की है ताकि इस पूरे प्रकरण का पर्दाफाश किया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी शिकंजा कसा जा सकता है।
अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा हमला
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल धन की चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था की चोरी है।
एक बयान में उन्होंने कहा, "देश, प्रदेश और अंतरराष्ट्रीय स्तर से आए चढ़ावा-चंदा-दान की चोरी का नया-नया भंडाफोड़ हो रहा है।" उन्होंने SIT जांच को 'बिना तीर की कमान' बताते हुए कहा कि जब तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं होती, तब तक जांच का कोई मतलब नहीं है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि CCTV फुटेज में चढ़ावे में हो रही गड़बड़ी के सबूत मौजूद हैं, लेकिन सरकार कार्रवाई करने से बच रही है। उन्होंने आशंका जताई कि SIT का गठन या तो मामले को 'ढांकने' (दबाने) के लिए या फिर 'बांटने' (हिस्सेदारी) के लिए किया गया है।
आस्था पर चोट और आगे की राह
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का यह मामला बेहद संवेदनशील है क्योंकि यह सीधे तौर पर करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। अखिलेश यादव ने इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यह 'विश्वास में सेंध' है और सरकार को इस 'महापाप' का जवाब देना होगा। इस मामले के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। अब सभी की निगाहें SIT की विस्तृत जांच और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस मामले में कब और किन लोगों पर गाज गिरती है।



