IPL सट्टेबाजी: असम में ED ने आलोक जैन को किया गिरफ्तार, करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने असम के आलोक कुमार जैन को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने असम के आलोक कुमार जैन को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, जैन पर एक संगठित गिरोह चलाने और सट्टेबाजी से मिले करोड़ों रुपये को अवैध तरीकों से सफेद धन में बदलने का आरोप है।
ईडी की जांच में सामने आया कि आलोक कुमार जैन कई विदेशी ऑनलाइन पोर्टलों के जरिए सट्टेबाजी का एक बड़ा नेटवर्क चला रहा था। इन पोर्टलों में 'स्काई एक्सचेंज', 'वाईफाई एक्सचेंज' और 'बुल इंट्राकनेक्ट' जैसी वेबसाइटें शामिल थीं। इन गतिविधियों से जुटाई गई बड़ी रकम को छिपाने के लिए उसने एक जटिल व्यवस्था बना रखी थी।
कैसे काम करता था पूरा नेटवर्क?
आरोपों के मुताबिक, जैन ने अपने घरेलू कर्मचारियों के केवाईसी दस्तावेजों का धोखे से इस्तेमाल करके कई फर्जी बैंक खाते खुलवाए। इन खातों को वह सीधे अपने मोबाइल नंबर से जोड़कर संचालित करता था। इसके बाद सट्टेबाजी से मिले अवैध धन को इन खातों के जरिए व्यवस्थित रूप से घुमाया जाता था, ताकि उसकी असली स्रोत का पता न चल सके।
ईडी ने पाया कि इस काले धन को सोने, महंगी लक्जरी वस्तुओं और रियल एस्टेट जैसी संपत्तियों में निवेश किया गया था। जब्त किए गए वित्तीय रिकॉर्ड से पता चलता है कि जैन ने बहुत कम समय में बड़ी रकम को व्यावसायिक चैनलों के माध्यम से ट्रांसफर किया। जांच में उसकी घोषित आय और वास्तविक संपत्ति के बीच एक बड़ा अंतर भी पाया गया, जो मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को पुख्ता करता है।
न्यायिक हिरासत और ED की कार्रवाई
यह गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत 20 जुलाई, 2026 को की गई। चूंकि आलोक जैन पहले से ही मूल अपराध के संबंध में न्यायिक हिरासत में था, इसलिए ईडी ने गुवाहाटी की विशेष पीएमएलए अदालत में पेशी के लिए आवेदन किया। कोर्ट के आदेश पर उसे गिरफ्तार किया गया। अदालत ने मामले की आगे की जांच के लिए आरोपी को 4 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है।
इनपुट: IANS



