भारत-नेपाल सैन्य परंपरा: सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को काठमांडू में मिलेगा 'मानद जनरल' का सम्मान
भारत और नेपाल के बीच दशकों पुरानी अनूठी सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ नेपाल की आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस दौरे पर उन्हें…
भारत और नेपाल के बीच दशकों पुरानी अनूठी सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ नेपाल की आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस दौरे पर उन्हें सोमवार को नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल द्वारा नेपाली सेना के 'मानद जनरल' के पद से सम्मानित किया जाएगा।
जनरल धीरज सेठ रविवार को काठमांडू पहुंचेंगे। वह यह दौरा अपने नेपाली समकक्ष, सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिगडेल के निमंत्रण पर कर रहे हैं। गौरतलब है कि जनरल सेठ ने इसी साल 30 जून को भारतीय सेना के 31वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाला था।
सात दशकों की परंपरा
दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को अपनी सेना का मानद जनरल रैंक प्रदान करने की यह विशेष परंपरा 1950 में शुरू हुई थी और सात दशकों से भी अधिक समय से निरंतर जारी है। इसी क्रम में पिछले साल दिसंबर 2024 में नेपाली सेना प्रमुख जनरल सिगडेल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय सेना के 'मानद जनरल' का पद प्रदान किया था।
नेपाली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत ने काठमांडू पोस्ट को दिए एक बयान में इस परंपरा की पुष्टि की। उन्होंने कहा, "जब भी किसी देश में नया सेना प्रमुख पद संभालता है तो उच्च-स्तरीय यात्राओं के आदान-प्रदान की परंपरा होती है। इस दौरान दोनों प्रमुखों को जनरल का मानद पद दिया जाता है।" उन्होंने यह भी पुष्टि की, "मैं जनरल सेठ के रविवार को नेपाल पहुंचने की पुष्टि करता हूं।"
द्विपक्षीय सैन्य सहयोग पर चर्चा
इस सम्मान समारोह के अलावा, जनरल सेठ अपनी यात्रा के दौरान नेपाली सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा आपसी सैन्य सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना होगा।
यह यात्रा एक और मायने में भी महत्वपूर्ण है। 27 मार्च को बालेन शाह के सत्ता संभालने के बाद जनरल सेठ नेपाल का दौरा करने वाले पहले वरिष्ठ भारतीय अधिकारी होंगे। इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री का काठमांडू दौरा तय था, जो कुछ कारणों से टल गया था।
इनपुट: IANS



