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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में ATKT परीक्षा को लेकर छात्रों का प्रदर्शन: फॉर्म बंद होने पर गेट के बाहर धरना, साइट बंद करने का आरोप, प्रशासन से झड़प – Chhatarpur (MP) News

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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में ATKT परीक्षा को लेकर छात्रों का प्रदर्शन:  फॉर्म बंद होने पर गेट के बाहर धरना, साइट बंद करने का आरोप, प्रशासन से झड़प – Chhatarpur (MP) News

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में ATKT परीक्षा को लेकर छात्रों का प्रदर्शन: फॉर्म बंद होने पर गेट के बाहर धरना, साइट बंद करने का आरोप, प्रशासन से झड़प – Chhatarpur (MP) News

छतरपुर स्थित महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में ATKT (Allowed To Keep Term) परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन बंद होने पर LLB और BA LLB के छात्रों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को छात्रों ने विश्वविद्यालय का गेट बंद होने के बाद धरना दिया, जिसके

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छात्रों ने लगाया मौका छीनने का आरोप

छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने ATKT के ऑनलाइन आवेदन की साइट अचानक बंद कर दी, जिससे उन्हें दोबारा परीक्षा देने का मौका नहीं मिल पाया। नियमानुसार उन्हें यह अवसर मिलना चाहिए था। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि यह निर्णय निजी कॉलेजों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया है।

गेट बंद होने पर और भड़के छात्र

विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब ज्ञापन देने पहुंचे छात्रों के सामने विश्वविद्यालय का गेट बंद कर दिया गया। इससे नाराज छात्र गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई।

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नेताओं ने भी किया समर्थन

प्रदर्शन में यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लोकेन्द्र वर्मा और कांग्रेस नेत्री व पं. मोतीलाल नेहरू विधि कॉलेज की शिक्षिका कीर्ति विश्वकर्मा भी शामिल हुईं। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

कीर्ति विश्वकर्मा ने कहा कि मौजूदा महंगाई के दौर में छात्र बड़ी मुश्किल से पढ़ाई कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें ATKT के तहत परीक्षा का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने लिखित में कोई स्पष्ट निर्णय नहीं दिया, तो छात्र न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे।

पुलिस ने संभाला मोर्चा हंगामे की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस को मौके पर बुलाया गया, जिसके बाद स्थिति कुछ हद तक नियंत्रित हुई। इस दौरान एक चपरासी के बाथरूम में छिपने की घटना भी चर्चा का विषय रही। फिलहाल, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे छात्रों में आक्रोश बना हुआ है।

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