बड़े पैमाने पर सूखे नशे का कारोबार करने का आरोप: भागलपुर में स्थानीय ने कहा- बच्चे भी चपेट में, थानाध्यक्ष बोले- कार्रवाई जारी रहेगी – Bhagalpur News h3>
भागलपुर के जगदीशपुर थाना क्षेत्र में “सुख नशे” का कारोबार हो रहा है। स्थानीय बजरंगी का कहना है कि इस अवैध धंधे की चपेट में अब सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि स्कूली बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक आ रहे हैं। शराबबंदी लागू होने के बाद ऐसे नशीले पदार्थों का चलन तेजी से बढ़ा है, जिससे समाज पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। थाना क्षेत्र के बुढ़िया नदी इलाके को इस अवैध कारोबार का केंद्र बताया जा रहा है। आरोप है कि यहां कई घरों से ब्राउन शुगर सहित अन्य नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री होती है। पुलिस को जब भी इसकी सूचना मिलती है और वह कार्रवाई के लिए पहुंचती है, तो स्थानीय स्तर पर विरोध का सामना करना पड़ता है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बुढ़िया नदी क्षेत्र में पवन यादव और उसके सहयोगियों की ओर से बड़े पैमाने पर ब्राउन शुगर की तस्करी की जा रही है। इस सूचना के आधार पर जगदीशपुर थाना अध्यक्ष रामचंद्र सिंह के नेतृत्व में अपर थाना अध्यक्ष विकास कुमार समेत कई पुलिसकर्मी छापेमारी के लिए पहुंचे। इसी दौरान कुछ महिलाओं ने विरोध करना शुरू कर दिया, जिससे कार्रवाई प्रभावित हुई। इलाके में चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी इजाफा स्थानीय निवासी बजरंगी यादव का कहना है कि नशे के बढ़ते कारोबार के कारण इलाके में चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि रोजाना बड़ी संख्या में बाहरी लोग गांव में आते हैं, जिनका उद्देश्य नशीले पदार्थों की खरीद बताया जाता है। उनके अनुसार, गांव के ही कुछ लोग इस धंधे को संचालित कर रहे हैं, जिससे सामाजिक माहौल बिगड़ता जा रहा है। बजरंगी यादव ने यह भी कहा कि नशे की लत के कारण बच्चों और युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। कई परिवारों के बच्चे अपराध की दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कोई व्यक्ति इस धंधे के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है, तो उसे डराया-धमकाया जाता है। यहां तक कि पुलिस कार्रवाई के दौरान भी माफिया तत्व विरोध और दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। स्थानीय संतोष दास का कहना है कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान महिलाओं को आगे कर दिया जाता है, जिससे छापेमारी में बाधा उत्पन्न हो। बाद में पुलिस के खिलाफ ही उच्च अधिकारियों से शिकायत की जाती है, ताकि स्थानीय पुलिस पर दबाव बनाया जा सके और धंधा निर्बाध रूप से चलता रहे। वहीं, स्थानीय महिला संगीता देवी ने भी इस समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई बार ग्रामीणों ने मिलकर इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की, लेकिन गांव के कुछ दबंग लोग इस धंधे में शामिल हैं। उनके डर के कारण खुलकर विरोध करना मुश्किल हो जाता है। नशे की वजह से गांव के बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। ग्रामीण किशोर यादव ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यदि कोई व्यक्ति खुले तौर पर नशा कारोबारियों का नाम लेता है, तो उसके साथ गंभीर घटना हो सकती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस समय-समय पर कार्रवाई जरूर करती है, लेकिन माफिया तत्वों का दबदबा इतना अधिक है कि वे पुलिस को भी धमकाने से पीछे नहीं हटते। “मामले पर अपर थाना अध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि लगातार सूखे नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
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