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जेल में बना सामान खरीद सकेंगे लोग: पूर्णिया सेंट्रल जेल में मुक्ति बाजार केंद्र की शुरुआत, डीएम अंशुल कुमार ने किया उद्घाटन – Purnia News

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जेल में बना सामान खरीद सकेंगे लोग:  पूर्णिया सेंट्रल जेल में मुक्ति बाजार केंद्र की शुरुआत, डीएम अंशुल कुमार ने किया उद्घाटन – Purnia News

जेल में बना सामान खरीद सकेंगे लोग: पूर्णिया सेंट्रल जेल में मुक्ति बाजार केंद्र की शुरुआत, डीएम अंशुल कुमार ने किया उद्घाटन – Purnia News


पूर्णिया सेंट्रल जेल में आज मुक्ति बाजार केंद्र की शुरुआत की गई। मुक्ति बाजार का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद लोगों को काम और प्रशिक्षण देकर उन्हें सुधारना, आत्मनिर्भर बनाना और उनके परिवार की आर्थिक मदद करना है। इसका उद्घाटन डीएम अंशुल कुमार ने फीता काटकर किया। इस दौरान डीएम ने जेल परिसर में चल रहे उद्योगों का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर डीएम अंशुल कुमार ने कहा कि ‘मुक्ति’ सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि बंदियों के जीवन में बदलाव लाने की एक पहल है। बिहार सरकार के गृह विभाग के अंतर्गत कारा और सुधार सेवाओं के निरीक्षणालय की ओर से राज्य के विभिन्न जेलों में कारा उद्योग के माध्यम से बंदियों से कई तरह के उत्पाद तैयार कराए जा रहे हैं। इन उत्पादों को मुक्ति ब्रांड के नाम से बाजार में उपलब्ध कराया जाता है। जेल में बंदियों को औद्योगिक प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे हुनर सीख सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। उनकी ओर से किए गए काम के बदले उन्हें पारिश्रमिक भी दिया जाता है, जिसका एक हिस्सा उनके परिवार तक पहुंचता है। इससे उनके बच्चों की पढ़ाई और परिवार का खर्च चलाने में मदद मिलती है। साथ ही इस पारिश्रमिक का एक भाग अपराध से पीड़ित परिवारों को भी दिया जाता है। पूर्णिया में मुक्ति बाजार केंद्र की स्थापना की उद्घाटन के मौके पर डीएम अंशुल कुमार ने कहा कि महानिरीक्षक कारा के निर्देश पर केंद्रीय कारा पूर्णिया में मुक्ति बाजार केंद्र की स्थापना की गई है। यहां बंदियों की ओर से तैयार किए गए कई प्रकार के सामान रियायती दर पर उपलब्ध होंगे। इनमें भूजा चना, चना सत्तू, सरसों का तेल, खेती से जुड़ा सामान, पूजा सामग्री, चादर, पेंटिंग और बांस से बने उत्पाद शामिल हैं। बिहार के विभिन्न जेलों में तैयार किए गए उत्पादों का आपस में आदान-प्रदान भी किया जाएगा। पूर्णिया केंद्रीय कारा में बने सामान दूसरे जिलों की जेलों में भेजे जाएंगे और वहां के उत्पाद यहां लाए जाएंगे। जेल अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि जेल में खाद्य पदार्थों के अलावा लकड़ी और कपड़े से जुड़े कई तरह के सामान भी बनाए जा रहे हैं। सभी उत्पाद शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण हैं। मुक्ति बाजार की शुरुआत से अब जेल में बने सामान आम लोगों को भी उपलब्ध कराए जाएंगे। जेल में 100 बंदियों को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले बंदियों को जिला पदाधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र भी दिया गया। इसके अलावा 10वीं और 12वीं के परीक्षार्थियों को भी प्रमाण पत्र बांटे गए। महिला बंदियों को भी विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा गया है। निरीक्षण के बाद जिला पदाधिकारी ने जेल प्रशासन को कई कार्य सौंपे, जिन्हें जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

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