लखनऊ : उत्तर प्रदेश के राज्य संपत्ति विभाग ने आज सुप्रीम कोर्ट के आदेशो का पालन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्रियों को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर सरकारी बंगले खाली करने का आदेश दिया है.
राज्य संपत्ति विभाग ने उत्तर प्रदेश के 6 पूर्व मुख्यमंत्रियों को 15 दिनों के भीतर सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस भेजा है. राज्य संपत्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नोटिस जारी किया जा रहें है, और सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को ये जल्द पहुंच जाएगा.
किन छह पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला खाली करना होगें
आपको बता दें कि जिन छह पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस भेजा है उनमे से पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी, कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, मुलायम सिंह, मायावती और अखिलेश यादव का नाम शामिल है. यह सभी बंगले वीवीआईपी ज़ोन में पड़ते है.
इससे पहले भी सरकार ने 7 मई को उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया था कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को अब सरकारी बंगले खाली करने होंगे. शीर्ष अदालत ने यह भी बोला कि अगर किसी मुख्यमंत्री का कार्यकाल समाप्त होता है तो वह आम आदमी की ही तरह है. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट ने एनजीओ लोक प्रहरी नामक संस्थान की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान ये फैसला सुनाया था.
CM योगी के बराबर वाला बंगला भी होगा खाली
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बराबर में सटा बंगला भी खाली होगा. बता दें कि यह बंगला पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा गृहमंत्री राजनाथ सिंह का है. यह सीएम योगी के सरकारी निवास 5 कालिदास मार्ग के बराबर में ही है.
सबसे बड़ा घर है मुलायम सिंह यादव का
उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव के पास इन छह पूर्व मुख्यमंत्रियों से सबसे बड़ा सरकारी बंगला है. यह बंगला 5 विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित है, जो 2,436 वर्गमीटर में फैला हुआ है. इस बंगले में करीब 25 कमरे बने है. बहरहाल, पूर्व सीएम अपने बंगले को बचाने के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलें थे और अपने और अखिलेश के सरकारी बंगले को बचाने का फॉर्मूला दिया था.
रिपोर्ट्स के अनुसार, समाजवादी पार्टी संरक्षक और सांसद मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और उन्होंने सिफारिश की उनका बंगला बचाने के लिए कोई तो रास्ता निकाले. सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान यह कहा गया कि अगर मुलायम और अखिलेश के सरकारी बंगले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी और विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन के नाम कर दिए जाएं तो आवास बच सकते हैं








