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प्रयागराज प्रशासन पर विशेषाधिकार हनन का नोटिस: संजय सिंह ने राज्यसभा सभापति से शिकायत की, संवाद बलपूर्वक रोका – Prayagraj (Allahabad) News

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प्रयागराज प्रशासन पर विशेषाधिकार हनन का नोटिस:  संजय सिंह ने राज्यसभा सभापति से शिकायत की, संवाद बलपूर्वक रोका – Prayagraj (Allahabad) News

प्रयागराज प्रशासन पर विशेषाधिकार हनन का नोटिस: संजय सिंह ने राज्यसभा सभापति से शिकायत की, संवाद बलपूर्वक रोका – Prayagraj (Allahabad) News

प्रयागराज में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और जिला प्रशासन के बीच हुई कहासुनी का मामला राज्यसभा तक पहुंच गया है।

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राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रयागराज में स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने संसदीय कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा उत्पन्न करने को लेकर राज्यसभा के सभापति के समक्ष विशेषाधिकार हनन एवं सदन की अवमानना का प्रश्न उठाया है। उन्होंने सभापति को एक विस्तृत पत्र भेजकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

छात्रों से संवाद में हुआ था हंगामा 1 जून 2026 को आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह प्रयागराज स्थित सर्किट हाउस में उपस्थित थे। संजय सिंह के मुताबिक, वहां विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं NEET प्रवेश परीक्षा, उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2024, समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (RO/ARO) परीक्षा 2024, यूपी टीईटी, यूपीएसएसएससी पीईटी, ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा, और राजस्व लेखपाल भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों, बेरोजगार युवा और आम नागरिक एक ‘क्लोज डोर बैठक’ में अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज कराने उनसे मिलने आ रहे थे। ये युवा पेपर लीक, परीक्षा निरस्तीकरण और भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी जैसे गंभीर मुद्दों पर संसद तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे।

प्रशासन ने बलपूर्वक कार्रवाई की

सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने दबावपूर्ण रवैया अपनाते हुए नागरिकों और छात्र नेताओं को उनसे मिलने से बलपूर्वक रोक दिया। इस दौरान दो निर्दोष छात्र नेताओ आशुतोष पाण्डेय और पंकज पाण्डेय को गिरफ्तार भी कर लिया गया, जो कि पत्र लिखे जाने तक जेल में हैं।

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संजय सिंह का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई कथित रूप से सत्यम मिश्रा अपर जिला मजिस्ट्रेट (सिटी) प्रयागराज तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के निर्देशन और पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस द्वारा सर्किट हाउस के पास आवागमन पर अनुचित प्रतिबंध लगाए गए और नागरिकों को चेतावनी दी गई, जिससे वे सांसद को अपनी शिकायतें और दस्तावेज नहीं सौंप सके।

सभापति से हस्तक्षेप की मांग

सांसद संजय सिंह ने पत्र में स्पष्ट किया है कि एक सांसद का दायित्व केवल संसद भवन के भीतर ही सीमित नहीं होता, बल्कि जनता की समस्याओं को सुनना और उनके साक्ष्य एकत्र करना भी उनके प्रतिनिधिमूलक दायित्वों का अभिन्न हिस्सा है। स्थानीय प्रशासन का यह आचरण संविधान के अनुच्छेद 105 की भावना, संसदीय परंपराओं और सांसदों की स्वतंत्र कार्यक्षमता के सिद्धांतों के पूरी तरह प्रतिकूल है। यह कार्यपालिका द्वारा अधिकारों के दुरुपयोग और लोकतांत्रिक जवाबदेही की अवहेलना को दर्शाता है। संजय सिंह ने सभापति से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।

क्या है मांग जानिये

1. इस मामले को विशेषाधिकार हनन एवं सदन की अवमानना के प्रश्न के रूप में स्वीकार किया जाए।

2. पूरे मामले को विस्तृत जांच हेतु विशेषाधिकार समिति (Privilege Committee) को संदर्भित किया जाए।

3. प्रयागराज के अपर जिला मजिस्ट्रेट (सिटी) श्री सत्यम मिश्रा तथा अन्य संबंधित अधिकारियों से उनके इस तानाशाही आचरण पर स्पष्टीकरण मांगा जाए।

4. दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध उपयुक्त और दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की जाए, ताकि भविष्य में संसद की गरिमा और जन-संवाद को बाधित न किया जा सके।

जानिये एक जून को क्या क्या हुआ था

प्रयागराज में आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह सोमवार को एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा और डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य पर भड़क उठे। संजय सिंह सर्किट हाउस में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों के साथ संवाद कर रहे थे। एडीएम और डीसीपी पुलिस फोर्स के साथ कार्यक्रम रुकवाने पहुंच गए।

एडीएम सत्यम मिश्रा ने संजय सिंह से किनारे चलकर बात करने को कहा। इस बात पर संजय सिंह नाराज हो गए। उन्होंने अधिकारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। संजय सिंह ने कहा,

क्या मैं कानून व्यवस्था भंग कर रहा हूं, जो आप मुझे रोकने आए हैं। क्या पेपर लीक पर चर्चा करना गुनाह है? आपको सर्किट हाउस के अंदर आने का अधिकार ही नहीं है। अगर मैं सार्वजनिक स्थान या सड़क पर कोई कार्यक्रम करता तो आप एक बार रोक सकते थे। सांसद के अधिकारों का हनन करना चाहते हैं। इसकी शिकायत मैं प्रिविलेज कमेटी से करूंगा।

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संजय सिंह अपनी कुर्सी से नहीं उठे। आखिरकार अफसर सर्किट हाउस के दूसरे कमरे में जाकर बैठ गए। संजय सिंह ने परीक्षा पर चर्चा जारी रखी। लेकिन जैसे ही वे मीडिया से बात करने के लिए बाहर निकले, हॉल की बिजली काट दी गई।

सर्किट हाउस में प्रशासन और पुलिस के अधिकारी पहुंचे और सांसद संजय सिंह को कार्यक्रम करने से मना किया।

2 छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया

पुलिस ने संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच के संयोजक पंकज पांडेय और आशुतोष पांडेय को हिरासत में लिया है। आशुतोष पांडेय आप सांसद संजय सिंह के साथ कार्यक्रम में थे। जबकि पंकज को कर्नलगंज क्षेत्र के जहाज चौराहे के पास से पकड़ा गया है। दोनों छात्र 29 मई को हुए प्रदर्शन में भी शामिल थे।

29 मई को प्रयागराज में करीब 2 हजार छात्रों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रशासन ने प्रदर्शन में शामिल रहीं तीन कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया है।

पंकज पांडे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कर्नलगंज इलाके के जहाज चौराहे से उन्हें पुलिस ने पकड़ा।

अब विस्तार से पूरा मामला जानिए…

यूपी में दरोगा और लेखपाल भर्ती परीक्षा में कथित धांधली को लेकर प्रयागराज के छात्रों में नाराजगी है। राजनीतिक दल भी अब इस मुद्दे को गर्माने में लगे हुए हैं। इसी कड़ी में सोमवार को आप के राज्यसभा सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह प्रयागराज पहुंचे।

उन्होंने सर्किट हाउस सभागार में पेपर लीक को लेकर संवाद किया। इसमें करीब 100 छात्र शामिल हुए। सांसद ने पेपर लीक प्रकरण पर प्रतियोगी छात्रों से बातचीत की। लेकिन हंगामा उस वक्त शुरू हो गया, जब एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा और डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य ने कार्यक्रम रोकने की कोशिश की।

अफसरों का कहना था कि सर्किट हाउस में बगैर अनुमति छात्रों से संवाद किया जा रहा था। सांसद संजय सिंह और एडीएम सिटी के बीच तीखी बहस हुई।

सांसद संजय सिंह ने एडीएम और डीसीपी से कहा,

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सर्किट हाउस आपकी निजी प्रॉपर्टी नहीं है। यह जनता के पैसे से बना है। बंद कमरे में क्या हो रहा है, यह देखना आपका काम नहीं है। यहां पर कोई देश विरोधी बात हो रही है क्या? यहां पेपर लीक पर चर्चा हो रही है। क्या लोकतंत्र में इस पर बात करना गुनाह है। यह पहली बार देख रहा हूं कि प्रशासन कह रहा है कि पेपर लीक पर बात मत करिए। लाखों छात्रों का जीवन बर्बाद हो रहा है और बात नहीं की जाएगी।

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करीब पांच मिनट तक अफसर सर्किट हाउस में रहे। फिर लौट गए। संजय सिंह ने अपना संवाद जारी रखा। एक घंटे तक अफसर दूसरे कमरे में बैठे रहे। कार्यक्रम खत्म हुआ तो संजय सिंह ने मीडिया से बात की। कांग्रेस के पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह और हाईकोर्ट के अधिवक्ता केके राय भी मौजूद रहे‌।

अधिकारी बार-बार नियमों का हवाला देने लगे तो संजय सिंह ने माइक लेकर उनसे नाराजगी जताई और कार्यक्रम जारी रखा।

3 दिन पहले छात्रों ने प्रदर्शन किया, 3 कोचिंग संस्थान सील

प्रयागराज में 29 मई, शुक्रवार की शाम 2 हजार से ज्यादा प्रतियोगी छात्रों ने करीब ढाई घंटे प्रदर्शन किया था। NEET पेपर लीक और अन्य भर्ती परीक्षाओं में धांधली का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की थी। छात्रों ने कहा-

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आज कॉकरोच प्रयागराज की सड़कों पर हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, उनके कार्यकाल में सबसे ज्यादा धांधली हो रही है।

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छात्रों ने कहा, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा संस्थाओं और परीक्षा सिस्टम से उठ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा विरोध किसी एक परीक्षा को लेकर नहीं, बल्कि हमारी लड़ाई पूरे सिस्टम के खिलाफ है।

संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच ने 12 जून को “लखनऊ चलो” आंदोलन का ऐलान किया है। यह भी कहा कि 30 मई को एक रिमाइंडर ज्ञापन मुख्यमंत्री योगी को और एक ज्ञापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा जाएगा।

छात्रों की 4 मांगें रहीं-

यूपी दरोगा भर्ती का स्कोर कार्ड जारी किया जाए।

लेखपाल परीक्षा रद्द की जाए।

भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाया जाए।

पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

छात्र नेता आशुतोष पांडेय राज्यसभा सांसद संजय सिंह से मिलने सर्किट हाउस पहुंचे थे, जहां से पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

संजय सिंह बोले- सरकार अपनी नाकामी छिपा रही

छात्रों के प्रदर्शन के बाद प्रयागराज विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग ने तीन प्रमुख कोचिंग संस्थानों एग्जामपुर वाला कोचिंग, सुपर क्लाइमेक्स कोचिंग और टारगेट ऑन कोचिंग को सीज कर दिया। प्रदर्शन में कई कोचिंग संस्थानों के शिक्षक भी शामिल हुए थे।

कोचिंग संस्थानों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर संजय सिंह ने कहा, सरकार अपनी विफलता को छिपाने के लिए अब सेना के हवाई जहाज से पेपर पहुंचाने की बात कर रही है। ताकि सेना को भी बदनाम कर सके। जबकि पेपर कराने का काम सेना का नहीं है।

प्रदर्शन की 4 तस्वीरें देखिए…

छात्रों ने अपने मोबाइल की फ्लैश टॉर्च जलाकर प्रदर्शन किया।

बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र-छात्राएं मनमोहन पार्क चौराहे पर इकट्ठा हुए।

पुलिस ने छात्रों के आंदोलन पर ड्रोन से नजर रखी।

छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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