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Farmers Protest: 8वें दौर की बातचीत से पहले किसानों का शक्ति प्रदर्शन, दिल्ली के चारों तरफ निकाल रहे ट्रैक्टर मार्च

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Farmers Protest: 8वें दौर की बातचीत से पहले किसानों का शक्ति प्रदर्शन, दिल्ली के चारों तरफ निकाल रहे ट्रैक्टर मार्च

नई दिल्ली: नए कृषि कानूनों (New Agriculture Laws) के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन (Farmers Protest) 43वें दिन भी जारी है और दिल्ली की तमाम सीमाओं पर डटे किसान दिल्ली के बाहरी इलाकों में ट्रैक्टर मार्च निकाल रहे हैं. किसानों अपना ट्रैक्टर मार्च सिंघु बॉर्डर से टीकरी, टीकरी से शाहजहांपुर, गाजीपुर से पलवल और पलवल से गाजीपुर तक निकाल रहे हैं. किसानों इसे 26 जनवरी को होने वाली ट्रैक्टर परेड का रिहर्सल बता रहे हैं. बता दें कि किसानों ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में टैक्टर परेड निकालने की चेतावनी दी है.

दिल्ली में प्रवेश नहीं करेगा ट्रैक्टर मार्च

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने किसान रैली की जानकारी देते हुए कहा था कि कि ट्रैक्टर रैली का एक जत्था डासना से अलीगढ़ वाले रुट पर जाएगा, जबकि दूसरा जत्था नोएडा से पलवल रूट पर जाएगा. हमने प्रशासन को अपने रूट के बारे में बता दिया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ट्रैक्टर मार्च दिल्ली में प्रवेश नहीं करेगा और डासना व पलवल तक यात्रा करने के बाद संबंधित सीमाओं पर समाप्त होगा.

इस रूट पर किसान निकालेंगे ट्रैक्टर मार्च

जमुरी किसान सभा के महासचिव कुलवंत सिंह संधू ने कहा कि सिंघु और टीकरी बॉर्डर से कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) या वेस्टर्न एक्सप्रेसवे तक सैकड़ों ट्रैक्टर मार्च करेंगे. उन्होंने कहा, ‘दोनों सीमाओं से सैकड़ों ट्रैक्टर लगभग 11 बजे निकलेंगे और केएमपी एक्सप्रेसवे की ओर बढ़ेंगे और वहां से अपने शिविरों में लौट आएंगे.’ वहीं भारतीय किसान यूनियन-भानु (BKU Bhanu) से जुड़े किसान महामाया फ्लाईओवर से चिल्ला बॉर्डर (दिल्ली-नोएडा लिंक रोड) तक ट्रैक्टर मार्च करेंगे.

बाहरी इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या

संयुक्त पुलिस आयुक्त (वेस्टर्न रेंज) शालिनी सिंह ने बताया, ‘ट्रैक्टर मार्च के दिल्ली में प्रवेश करने की कोई निर्धारित योजना नहीं है, इसलिए पुलिस की व्यवस्था पहले की तरह रहेगी, लेकिन बाहरी इलाकों में यातायात प्रभावित होने की संभावना है.’

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर डायवर्जन

नोएडा पुलिस ने कहा कि ट्रैक्टर मार्च को देखते हुए कुंडली-गाजियाबाद-पलवल या ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर डायवर्जन किया जाएगा. पुलिस ने अपने बयान में बताया, ‘बील अकबरपुर और सिरसा कट से पलवल की की ओर जाने वाली गाड़ियों को दोपहर 12 बजे से दोपहर बाद 3 बजे तक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-पे पर जाने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा सिरसा कट और बील अकबरपुर से सोनीपत की ओर जाने वाली गाड़ियों को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक एक्सप्रेसवे पर नहीं जा पाएंगी.

8 जनवरी को होनी है 8वें दौर की बातचीत

कृषि कानूनों (Agriculture Laws) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों और सरकार के बीच सोमवार को हुई सातवें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही थी. किसान संगठन बैठक में कानूनों को पूरी तरह रद्द करने की मांग पर अड़े रहे, जबकि सरकार कानूनों की खामियों वाले बिंदुओं पर चर्चा करना चाह रही थी. किसानों और सरकार के बीच अगले दौर की बातचीत 8 जनवरी को होगी.

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छठे दौर की बातचीत में इन मुद्दों पर बनी थी बात

किसानों और केंद्र सरकार के बीच 30 दिसंबर को हुई छठे दौर की बाचतीच में बिजली दरों में वृद्धि और पराली जलाने पर दंड को लेकर किसानों की चिंताओं को हल करने के लिए कुछ सहमति बनी, लेकिन दो बड़े मुद्दों पर गतिरोध बना रहा. किसानों की मांग है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी दी जाए और तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द किया जाए.

सुप्रीम कोर्ट में 11 जनवरी को होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार (6 जनवरी) को कृषि कानूनों को रद्द करने और किसानों के प्रदर्शन के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई को 11 जनवरी तक स्थगित कर दिया. चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की बेंच ने कहा कि हम किसानों की स्थिति को समझ रहे हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने सरकार से कहा कि स्थिति में कोई सुधार नहीं है.

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