19 साल की एंड्रीवा ने फ्रेंच ओपन जीता: अब तक की दूसरी सबसे युवा चैंपियन; फाइनल में च्वालिंस्का को 6-3, 6-2 से हराया h3>
19 साल की मीरा एंड्रीवा ने पहली बार फ्रेंच ओपन जीत लिया है। शनिवार को खेले गए विमेंस सिंगल्स फाइनल में उन्होंने पोलैंड की माया च्वालिंस्का को सीधे सेटों में 6-3, 6-2 से हराया। यह मुकाबला 1 घंटे 22 मिनट तक चला। एंड्रीवा फ्रेंच ओपन जीतने वाली दूसरी सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गईं। उनसे पहले 1992 में 18 साल की मोनिका सेलेस ने यह टाइटल अपने नाम किया था। करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब रूस की एंड्रीवा का यह पहला ग्रैंड स्लैम खिताब है। वे पूरे मुकाबले में च्वालिंस्का पर हावी रहीं। पहले सेट में स्कोर 3-3 से बराबरी पर था, लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार तीन गेम जीतकर सेट 6-3 से अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट में भी उन्होंने शुरुआती बढ़त हासिल की और लगातार 6 गेम जीतते हुए च्वालिंस्का को वापसी का मौका नहीं दिया। उन्होंने 6-2 से सेट और मैच जीतकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। खिताब जीतने के बाद एंड्रीवा भावुक दिखीं। उन्होंने अपनी टीम और परिवार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह उनके बचपन का सपना था और रोलां गैरो जीतना उनके लिए बेहद खास पल है। दूसरी सबसे कम उम्र की चैंपियन इस जीत के साथ एंड्रीवा 2020 में इगा स्वियातेक के बाद फ्रेंच ओपन महिला एकल जीतने वाली टीनएज खिलाड़ी बन गईं। वह 1992 में मोनिका सेलेस के बाद फ्रेंच ओपन में सबसे कम उम्र की महिला चैंपियन भी हैं। च्वालिंस्का लगातार 9 मैच जीतकर फाइनल पहुंची थीं फाइनल में हार के बावजूद च्वालिंस्का का अभियान यादगार रहा। वर्ल्ड रैंकिंग में 114वें स्थान पर मौजूद पोलिश खिलाड़ी क्वालिफायर के रूप में टूर्नामेंट में उतरी थीं और लगातार नौ जीत दर्ज कर फाइनल तक पहुंची थीं। उन्होंने वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका को भी हराकर बाहर किया था। मैच के बाद च्वालिंस्का ने एंड्रीवा की तारीफ करते हुए कहा कि वह उनसे बेहतर खिलाड़ी साबित हुईं। एंड्रीवा ने कोच कोंचिता मार्टिनेज और अपने परिवार के साथ जीत का जश्न मनाया। ———————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत ने तीसरा अंडर-18 हॉकी एशिया कप जीता:जापान को 4-1 से हराया; आशीष की लगातार दूसरी हैट्रिक; महिला टीम को ब्रॉन्ज मिला भारत ने तीसरी बार अंडर-18 हॉकी एशिया कप जीत लिया है। टीम ने डिफेंडिंग चैंपियन जापान को फाइनल में 4-1 से हरा दिया। इससे पहले भारत ने 2001 और 2016 में टाइटल अपने नाम किया था। पूरी खबर पढ़ें…