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राजस्थान के सांसदों ने पंजाब-हरियाणा-एमपी में खर्च की सांसद निधि: 3 राज्यसभा MP ने किया 95 फीसदी राशि का इस्तेमाल, जून में खत्म हो रहा कार्यकाल – Rajasthan News

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राजस्थान के सांसदों ने पंजाब-हरियाणा-एमपी में खर्च की सांसद निधि:  3 राज्यसभा MP ने किया 95 फीसदी राशि का इस्तेमाल, जून में खत्म हो रहा कार्यकाल – Rajasthan News

राजस्थान के सांसदों ने पंजाब-हरियाणा-एमपी में खर्च की सांसद निधि: 3 राज्यसभा MP ने किया 95 फीसदी राशि का इस्तेमाल, जून में खत्म हो रहा कार्यकाल – Rajasthan News

राजस्थान की 3 राज्यसभा सीटों पर 18 जून को चुनाव होने हैं। बीजेपी सांसद केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस के नीरज डांगी का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है।

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NEWS4SOCIALने तीनों सांसदों के कराए विकास कार्यों का ब्योरा जुटाया। इसमें सामने आया कि तीनों ने 22 मई, 2026 तक सांसद निधि की 95 प्रतिशत राशि विकास कार्यों पर खर्च कर दी है।

ग्रामीण विकास विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी के दोनों सांसदों ने राजस्थान से बाहर अन्य राज्य में भी विकास कार्यों के लिए फंड का इस्तेमाल किया है।

बिट्टू ने पंजाब, हरियाणा और गहलोत ने यूपी और मध्यप्रदेश में सांसद निधि के फंड से विकास कार्यों की अभिशंषा की है।

पढ़िए पूरी रिपोर्ट….

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कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने केरल से सांसद का चुनाव जीतने के बाद राजस्थान से राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया था। इस सीट पर उपचुनाव हुए।

27 अगस्त, 2024 को भाजपा प्रत्याशी रवनीत सिंह बिट्टू निर्वाचित हुए। बिट्‌टू का कार्यकाल 28 अगस्त 2024 से 21 जून 2026 तक यानी करीब 2 साल का है।

बीजेपी सांसद राजेंद्र गहलोत का कार्यकाल 22 जून 2020 को शुरू हुआ था। 21 जून 2026 को कार्यकाल समाप्त हो रहा है। बीजेपी गहलोत को फिर से राज्यसभा बनाएगी, इस पर संशय बना हुआ है।

चर्चा है कि राज्यसभा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टटू को फिर से मौका मिल सकता है। बची एक सीट पर सतीश पूनिया और राजेंद्र सिंह राठौड़ में किसी एक को पार्टी राज्यसभा भेज सकती है।

कांग्रेस नेता नीरज डांगी 22 जून 2020 को राजस्थान से राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुए थे। नीरज डांगी का कार्यकाल 21 जून 2026 को कार्यकाल को समाप्त हो रहा है।

फिलहाल कांग्रेस में नीरज डांगी को फि्र से राज्यसभा भेजेगी या नहीं, इसको लेकर पार्टी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

क्या होती है एमपी लैड योजना?

संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमपी लैड) योजना दिसंबर 1993 में शुरू की गई थी। 2019 से 2024 के बीच कोविड महामारी की वजह से यह योजना डेढ़ साल के लिए रुक गई थी।

इस योजना के तहत हर राज्य के सांसदों को प्रतिवर्ष 5 करोड़ रुपये की राशि दी जाती है। पांच साल में यह राशि 25 करोड़ होती है।

विकास कार्यों के लिए सांसद निधि का इस्तेमाल सांसदों की अनुशंसा पर ही किया जाता है। अगर सांसद विकास कार्यों के लिए अनुशंसा नहीं करेंगे तो केंद्र सरकार की ओर से फंड जारी नहीं किया जाता है।

राज्यसभा सांसदों के लिए सांसद निधि के नियम

सांसद निधि के नियमों में कुछ सीमित बजट अन्य राज्यों में देने का प्रावधान है। सांसद के हाथ में केवल काम की सिफारिश करना है। काम की मंजूरी और दूसरे प्रावधान देखना अधिकारियों का काम है।

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राज्यसभा सदस्य अपने निर्वाचित राज्य के एक या एक से अधिक जिलों में जनहित के विकास कार्यों के लिए फंड की सिफारिश कर सकते हैं।

सांसद प्रति वित्तीय वर्ष अपने राज्य के बाहर अन्य राज्यों-जिलों में भी अधिकतम ₹25 लाख तक खर्च करने की सिफारिश कर सकते हैं। प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में यह सीमा बढ़ाकर ₹1 करोड़ तक हो सकती है।

बची राशि का इस्तेमाल संभव

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बची हुई राशि का उपयोग उसी सूरत में किया जा सकता है, जब पूर्ववर्ती सांसदों के सभी अनुमोदित कार्य पूरे हो जाएं। उनका बैंक खाता बंद कर दिया जाए और शेष राशि बाद के सांसद के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाए।

इन विकास कार्यों के लिए फंड जारी कर सकते हैं

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बजट जारी कर सकते हैं। जैसे गांवों और शहरों में सामुदायिक भवन, पुस्तकालय, और आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण और शिक्षा और स्वास्थ्य आदि।

इसके अलावा सरकारी स्कूलों और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, छात्रावास, पीने का पानी, और पुस्तकालयों के लिए किताबें और अस्पतालों के लिए एम्बुलेंस खरीदने की अनुशंसा भी की जा सकती है।

सार्वजनिक नलकूप, वाटर टैंकर, सुलभ शौचालय, सड़कों, पुलियों के निर्माण के लिए भी सांसद निधि कोष से फंड जारी करने की अनुशंषा की जा सकती है।

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राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की भी आशंका:राजस्थान की 3 सीटों के लिए 18 जून को वोटिंग, केंद्रीय मंत्री को रिपीट कर सकती है बीजेपी

राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा हो गई है। तीन सीटों पर 18 जून को वोटिंग होगी और उसी दिन नतीजे घोषित होंगे। दरअसल, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, बीजेपी सांसद राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी का 21 जून को कार्यकाल पूरा हो रहा है। पूरी खबर पढ़िए…

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