कोसी के ‘विश्वकर्मा’ बिजेंद्र प्रसाद यादव बने उपमुख्यमंत्री: विकास की नई उम्मीदों के साथ जश्न में डूबा सुपौल, जगह-जगह आतिशबाजी – Supaul News h3>
सुपौल सहित कोसी क्षेत्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शुमार वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बुधवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक नया इतिहास रच दिया। 78 साल की उम्र में भी उनकी सक्रियता और जनसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें प्रदेश की राजनीति के शीर्ष पायदान तक पहुंचाया है। वर्ष 1990 से लगातार चुनाव जीतते आ रहे यादव की पहचान एक विकासवादी, दूरदर्शी और जनहितैषी नेता के रूप में पूरे बिहार में स्थापित हो चुकी है। कोसी क्षेत्र के लोग उन्हें ‘कोसी के विश्वकर्मा’ के नाम से पुकारते हैं। यह उपाधि उन्हें यूं ही नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे सालों का अथक परिश्रम, योजनाबद्ध विकास और क्षेत्र की दशा बदलने की उनकी प्रतिबद्धता रही है। उनके कार्यकाल में कोसी और मिथिलांचल में जो आधारभूत परिवर्तन हुए हैं, वे आज भी लोगों के जीवन में स्पष्ट दिखाई देते हैं। जहां कभी अंधेरे का साम्राज्य था, वहां आज स्थिर और नियमित बिजली उपलब्ध ऊर्जा मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है। उस समय बिहार लंबे समय से बिजली संकट से जूझ रहा था, लेकिन बिजेंद्र प्रसाद यादव की पहल पर राज्य में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया गया। सुपौल, सहरसा, मधेपुरा सहित कई जिलों में नए पावर सब-स्टेशनों की स्थापना, ग्रिड विस्तार और ट्रांसमिशन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण ने बिजली आपूर्ति में ऐतिहासिक सुधार किया। परिणामस्वरूप, जहां कभी अंधेरे का साम्राज्य था, वहां आज स्थिर और नियमित बिजली उपलब्ध है। सिर्फ बिजली ही नहीं, बल्कि सड़क और पुल निर्माण के क्षेत्र में भी उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कोसी क्षेत्र को राज्य के अन्य हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए कई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया। सुपौल-मधेपुरा, सहरसा समेत कई प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण, नए पुलों का निर्माण और एप्रोच रोड की स्वीकृति ने आवागमन को आसान बना दिया। कोसी नदी के दोनों किनारों को जोड़ने वाले पुलों ने न केवल दूरी घटाई, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान की। व्यापार और आवागमन दोनों को मजबूती मिली रेल नेटवर्क के विस्तार में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। कोसी रेल महासेतु और कोसी सड़क महासेतु जैसी परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई दिशा मिली। फोरलेन सड़कों और रेलवे स्टेशनों के विकास से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हुईं, जिससे व्यापार और आवागमन दोनों को मजबूती मिली। उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही कोसीवासियों की उम्मीदें एक बार फिर बढ़ गई हैं। लोगों का मानना है कि बिजेंद्र प्रसाद यादव का अनुभव और विकास की उनकी निरंतर सोच आने वाले समय में क्षेत्र के लिए नई उपलब्धियों का मार्ग प्रशस्त करेगी। ऐतिहासिक मौके पर सुबह से ही जश्न का माहौल रहा उनके पैतृक गांव मुरली में इस ऐतिहासिक मौके पर सुबह से ही जश्न का माहौल रहा। गांव के लोगों, समर्थकों और परिवार के सदस्यों की भीड़ उनके घर पर उमड़ पड़ी। सभी ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार किया। परिवार के सदस्यों ने इसे गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। बिजेंद्र प्रसाद यादव का राजनीतिक सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भपटियाही बाजार से की, जहां वे एक साधारण जीवन जीते हुए लोगों के बीच अपनी पहचान बना रहे थे। इसके बाद वे सरायगढ़ रेलवे स्टेशन के पास एक पानी टंकी वाले घर में ‘बंगाली दादा’ के साथ रहते थे और लगातार जनसेवा में जुटे रहते थे। उनकी सादगी और लोगों के प्रति समर्पण ने धीरे-धीरे उन्हें क्षेत्रीय राजनीति में एक मजबूत चेहरा बना दिया। राज्य स्तर पर एक प्रभावशाली नेता बन गए बिजेंद्र प्रसाद यादव समय के साथ उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया और वे सुपौल की राजनीति से निकलकर राज्य स्तर पर एक प्रभावशाली नेता बन गए। आज उपमुख्यमंत्री पद तक पहुंचना उनके लंबे संघर्ष, समर्पण और जनविश्वास का परिणाम है। इधर, सुपौल जिला मुख्यालय समेत निर्मली, सरायगढ़, वीरपुर और मरौना सहित विभिन्न इलाकों में जदयू और भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया। कई जगहों पर आतिशबाजी भी की गई, जिससे पूरा माहौल उत्सव में बदल गया। जदयू के वरिष्ठ नेता और उनके करीबी शिक्षाविद रामचंद्र प्रसाद यादव ने भी उन्हें बधाई देते हुए कहा कि बिजेंद्र प्रसाद यादव का अनुभव और कार्यशैली राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में बिहार विशेषकर कोसी क्षेत्र में विकास की गति और तेज होगी।
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