यूक्रेन के जापोरिजिया में मानवीय सहायता केंद्र पर रूसी हमला, स्कूल की इमारत बनी निशाना, 18 की मौत
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस पर एक भीषण हमले का आरोप लगाया है, जिसमें जापोरिजिया ओब्लास्ट के एक गांव में मानवीय सहायता केंद्र को निशाना बनाया गया। इस बमबारी में कम से कम 18 लोगों…
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस पर एक भीषण हमले का आरोप लगाया है, जिसमें जापोरिजिया ओब्लास्ट के एक गांव में मानवीय सहायता केंद्र को निशाना बनाया गया। इस बमबारी में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है, जबकि पांच अन्य घायल हो गए।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह हमला कोमिशुवाखा गांव के एक स्कूल पर हुआ, जिसका इस्तेमाल स्थानीय लोगों को मदद सामग्री बांटने के लिए किया जा रहा था। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए इस घटना की जानकारी दी और इसे एक "बेहद भयानक हमला" बताया।
हमले का विवरण और हताहतों की संख्या
जेलेंस्की के मुताबिक, गांव पर सुबह से ही कई हवाई हमले किए जा रहे थे। पहला बम उस स्कूल पर गिरा जहां मानवीय सहायता बांटी जा रही थी। इसके बाद रूस ने फिर से हमला किया और नौ और बम गिराए। इस दूसरे हमले में विशेष रूप से उस आश्रय स्थल (शेल्टर) को निशाना बनाया गया, जहां लोग मौजूद थे।
राष्ट्रपति ने कहा, "दुख की बात है कि 18 लोगों की मौत हो चुकी है। मैं उनके परिवारों और प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।" उन्होंने बताया कि पांच लोग घायल हुए हैं और मौके पर बचाव अभियान जारी है। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना, बचावकर्मी और विशेष सेवाएं लगातार काम कर रही हैं।
रूस पर शांति की इच्छा न रखने का आरोप
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि यह संभव नहीं है कि रूस को इस बात की जानकारी न हो कि कोमिशुवाखा में हर हफ्ते लोगों को मानवीय सहायता मिलती थी। उन्होंने इसे इस बात का सबूत बताया कि रूस "किसी भी तरह के तनाव कम करने, शांति की दिशा में कदम बढ़ाने या वास्तविक न्याय की इच्छा नहीं रखता।"
जेलेंस्की ने आगे कहा, "ओलेश्की में हुए मानवीय अभियान के बाद एक ऐसा मौका आया था, जब आगे के कदम यह दिखा सकते थे कि शांति संभव है। लेकिन ऐसी हत्याओं के जरिए रूस बिल्कुल उल्टा संदेश दे रहा है।" उन्होंने इस हमले पर एक मजबूत और सख्त वैश्विक प्रतिक्रिया की मांग की है।
इनपुट: IANS



