पाकिस्तान: बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों पर हमले बढ़े, कई विद्रोही संगठनों ने ली ज़िम्मेदारी
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में तेज़ी देखी गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सोमवार को नुश्की और खारान ज़िलों में अलग-अलग हिंसक घटनाएँ हुईं, जिनमें…
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में तेज़ी देखी गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सोमवार को नुश्की और खारान ज़िलों में अलग-अलग हिंसक घटनाएँ हुईं, जिनमें भारी नुक़सान की आशंका है। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब कई बलूच विद्रोही संगठनों ने पाकिस्तानी सेना के ख़िलाफ़ अपने अभियान तेज़ करने का दावा किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक़, नुश्की ज़िले के अहमद वाल इलाक़े में हथियारबंद हमलावरों ने गश्त कर रहे सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया, जबकि खारान ज़िले में एक सैन्य वाहन को विस्फोट का निशाना बनाया गया। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इलाक़े में बिछाई गई बारूदी सुरंगों के कारण सुरक्षा बलों की आवाजाही में बाधा आ रही है। ये ताज़ा घटनाएँ खारान के लिजाय क्षेत्र में एक दिन पहले हुई झड़पों के बाद सामने आई हैं, जहाँ एक सैन्य वाहन विस्फोट की चपेट में आ गया था और मुठभेड़ में आठ पाकिस्तानी सैनिक मारे गए या घायल हो गए थे।
विद्रोही संगठनों के दावे
इस बीच, बलूचिस्तान लिबरेशन फ़्रंट (बीएलएफ़) ने दावा किया है कि उसने अकेले अक्टूबर महीने में 129 से ज़्यादा पाकिस्तानी सैन्य और ख़ुफ़िया कर्मियों को मार गिराया है। रविवार को जारी अपनी मासिक रिपोर्ट में, संगठन के प्रवक्ता मेजर ग्वहराम बलूच ने कहा कि 25 अलग-अलग अभियानों में 30 से ज़्यादा लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए।
बीएलएफ़ के अनुसार, इन कार्रवाइयों में ग्वादर ज़िले का 'ऑपरेशन अलमास' भी शामिल है, जिसमें 80 से ज़्यादा सैन्य और ख़ुफ़िया कर्मियों के मारे जाने का दावा किया गया। संगठन ने बताया कि अक्टूबर के दौरान सात सैन्य चौकियों, छह शिविरों, दो ख़ुफ़िया ठिकानों और 11 सैन्य क़ाफ़िलों पर हमले किए गए। साथ ही, 14 सैन्य वाहन, दो निगरानी ड्रोन और पाँच क्वाडकॉप्टर नष्ट करने का भी दावा किया।
अन्य समूहों की ज़िम्मेदारियाँ
एक अन्य संगठन, बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने कच्छी ज़िले के सन्नी क्षेत्र में रविवार सुबह एक पाकिस्तानी सैन्य शिविर पर क़ब्ज़ा करने का दावा किया है। बीआरजी प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने एक बयान में कहा, "स्वतंत्रता सेनानियों ने शिविर पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया और 12 दुश्मन कर्मियों को मार गिराया।"
इसके अतिरिक्त, बीआरजी ने पंजाब प्रांत तक गैस ले जाने वाली एक पाइपलाइन को भी विस्फोट से उड़ाने का दावा किया है। संगठन के मुताबिक, रविवार रात रहीम यार खान ज़िले में 36 इंच की इस पाइपलाइन को निशाना बनाया गया। हालाँकि, इन सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तानी अधिकारियों की तरफ़ से भी तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इनपुट: IANS



