भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 1 करोड़ के पार, 12 साल में 79% की दर से बढ़ा बाज़ार
विश्व ईवी दिवस (World EV Day) के मौके पर भारत ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। देश में अब तक बिकने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल संख्या एक करोड़ के आँकड़े को…
विश्व ईवी दिवस (World EV Day) के मौके पर भारत ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। देश में अब तक बिकने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल संख्या एक करोड़ के आँकड़े को पार कर गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह बाज़ार पिछले 12 वर्षों में सालाना 79 प्रतिशत की शानदार दर से बढ़ा है, जो स्वच्छ ऊर्जा की तरफ देश के बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
इस अवसर पर केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर भविष्य के दृष्टिकोण को साकार कर रही है।
सरकारी योजनाओं से मिली रफ्तार
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने में केंद्र सरकार की 'पीएम ई-ड्राइव' जैसी योजनाओं ने अहम भूमिका निभाई है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस पहल के माध्यम से अब तक 28.63 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी के रूप में मदद दी गई है। इस मदद का बड़ा हिस्सा दोपहिया और तिपहिया वाहनों को मिला है।
आंकड़ों के मुताबिक, सब्सिडी पाने वाले वाहनों में 25.88 लाख से ज़्यादा इलेक्ट्रिक दोपहिया, 2.75 लाख इलेक्ट्रिक तिपहिया और 53 ई-ट्रक शामिल हैं। भारी उद्योग मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2011-12 से सितंबर 2026 तक देश में कुल 1,01,58,449 इलेक्ट्रिक वाहन बिके हैं।
भविष्य की राह
मंत्रालय के अनुसार, किसी एक वित्त वर्ष में सबसे ज़्यादा 25,45,622 यूनिट्स की बिक्री वित्त वर्ष 2025-26 में दर्ज की गई थी। अपने पोस्ट में एच.डी. कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, उनका मंत्रालय भारत के ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर एक प्रतिस्पर्धी ऑटोमोटिव उद्योग बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इनपुट: IANS



