सोमवार, 13 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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जिन्ना की बेटी दीना वाडिया भारत छोड़कर अपने पिता के साथ पाकिस्तान क्यूँ नहीं गईं?

मोहम्मद अली जिन्नाह का सपना था भारत से अलग मुसलमानों के लिए एक अलग देश बनाना जहां सारे मुसलमान एक साथ रहें।

जिन्ना की बेटी दीना वाडिया भारत छोड़कर अपने पिता के साथ पाकिस्तान क्यूँ नहीं गईं?

मोहम्मद अली जिन्नाह का सपना था भारत से अलग मुसलमानों के लिए एक अलग देश बनाना जहां सारे मुसलमान एक साथ रहें। जिन्ना का सपना तो पाकिस्तान के रूप में पूरा हो गया, लेकिन सारे मुसलमानों को एक साथ एक ही देश में बसाने की उनकी सारी कोशिशें नाकाम हो गईं। सारे मुसलमानों को तो दूर, जिन्ना अपनी बेटी तक को पाकिस्तान में नहीं रख पाए। उनकी बेटी दीना जिन्ना उनकी इकलौती संतान थीं।

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उन्होंने जिन्ना के विरोध के बावजूद किसी मुसलमान से नहीं बल्कि एक पारसी से शादी की और पाकिस्तान छोड़कर भारत में आकर बस गईं। लोग कहते हैं कि दीना के इस फैसले का जिन्ना पर बहुत असर पड़ा था। शादी के बाद दीना जिन्ना, दीना वाडिया हो गई थीं। दीना का जन्म 15 अगस्त 1919 को हुआ था और भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ।

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जिन्ना अपनी मुस्लिम परस्त छवि को लेकर बहुत सतर्क रहते थे, इसलिए उन्होंने धीरे धीरे अपनी पारसी पत्नी रति से दूरी बना ली थी। और आखिरकार बेटी और पत्नी दोनों को छोड़ दिया था। जिन्ना की पारसी पत्नी रति की मौत बहुत कम उम्र में हो गई थी। जब उनकी मौत हुई उस समय दीना महज 10 साल की थीं। उनकी परवरिश उनकी नानी ने की।

1920 के आस-पास जिन्‍ना एक मुस्लिम नेता के तौर पर तेजी से आगे बढ़ रहे थे। उधर दीना अपनी मां के साथ एक गुमनामी की जिंदगी जी रहीं थीं। हालांकि रति जिन्‍ना एक खुले विचारों वाली महिला थीं इसलिए उन्‍होंने अपनी बेटी को भी खुले माहौल में पाला। इसी खुलेपन की वजह से दीना की जिंदगी में जब एक गैर मुस्लिम आया तो वह उसे स्‍वीकार करने में पीछे नहीं हटीं।

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1936 में दीना की मुलाकात एक पारसी कारोबारी नेविली वाडिया से हुई और वे उनको दिल दे बैठीं। नेविली वाडिया उस दौर के मशहूर टेक्सटाइल इंडस्ट्रियलिस्ट के बेटे थे। कहा जाता है कि जिन्ना ने आजादी के बाद दीना को पाकिस्तान आने के लिए कहा लेकिन दीना ने मुंबई में रह रहे अपने पति और ससुराल वालों को छोड़कर आने से मना कर दिया. वह विभाजन के बाद भी मुंबई में ही रहीं. इस बात से जिन्ना बहुत ज्यादा आहत हो गए. भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद दीना ने कई बार अपने पिता से मिलने की कोशिश की लेकिन उन्हें वीजा नहीं दिया गया.

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Shashwat

शशवत News4Social के वरिष्ठ संवाददाता हैं। वे राष्ट्रीय घटनाक्रम, ताज़ा समाचार और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जटिल जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में पाठकों तक पहुँचाने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

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