मंगलवार, 23 जून 2026 · नई दिल्ली
Breaking News Hindi

किसने और क्यों दिया था भीष्म पितामह को इच्छा मृत्यु का वरदान ?

महाभारत में भीष्म पितामह एक बहुत ही महत्वपूर्ण पात्र था. जिसने अपनी जिंदगी के अंतिम दिन बाणों की शैया पर बिताए.

किसने और क्यों दिया था भीष्म पितामह को इच्छा मृत्यु का वरदान ?

महाभारत में भीष्म पितामह एक बहुत ही महत्वपूर्ण पात्र था. जिसने अपनी जिंदगी के अंतिम दिन बाणों की शैया पर बिताए. लेकिन ये आश्चर्य की बात है कि ऐसा क्या था कि बाणों की शैया पर पड़ा होने के बाद भी उनकी मौत नहीं हुई ? आपको बता कि भीष्म पितामह को इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त था. जिसका मतलब है कि वह जब तक चाहता तब तक जिंदा रह सकता था.

विज्ञापन
26 12 2016 bhism
भीष्म पितामह

भीष्म पितामह को ये वरदान किसने दिया और क्यों दिया इसके पीछे एक पौराणिक कथा है.  ऐसा माना जाता है कि भीष्म पितामह के पिता राजा शांतनु एक कन्या से विवाह करना चाहते थे जिसका नाम सत्यवती था.  लेकिन सत्यवती के पिता ने राजा शांतनु से अपनी पुत्री का विवाह करने के लिए एक शर्त रखी. इस शर्त के अनुसार उसकी पुत्री सत्यवती के गर्भ से उत्पन्न पुत्र ही राजा बनेगा. भीष्म के पिता राजा शांतनु इस शर्त के बाद सत्यवती के वियोग में परेशान रहने लगें. जिसके बाद भीष्म ने उनकी परेशानी जानने की कोशिस की तो उनको सारी बातों के बारें में जानकारी हुई.

किसने और क्यों दिया था भीष्म पितामह को इच्छा मृत्यु का वरदान ?
भीष्म पितामह

राजा शांतनु उनकी यह शर्त पूरी नहीं कर सकते थे क्योंकि उन्होंने  भीष्म को पहले ही उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था. अपने पिता की खुशी के लिए भीष्म ने प्रतिज्ञा की कि वह आजीवन शादी नहीं करेगा तथा ना ही राजा बनेगा. इतनी बड़ी प्रतिज्ञा लेने के कारण भीष्म की इस प्रतिज्ञा को भीष्म प्रतिज्ञा के नाम से जाना जाने लगा.

यह भी पढ़ें: किस ऋषि ने भगवान शंकर के विवाह में कुल और गोत्र पूछा था?

इस घटना के बाद राजा शांतनु की शादी सत्यवती से हो जाती है. राजा शांतनु अपने पुत्र भीष्म की पितृभक्ति से बहुत खुश होते हैं तथा वो भीष्म पितामह को इच्छा मृत्यु का वरदान देते हैं. जिसका अर्थ था कि भीष्म जब तक चाहे जिंदा रह सकते हैं. उनकी इच्छा के बिना उनको मौत नहीं आ सकती.

KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →