शनिवार, 27 जून 2026 · नई दिल्ली
Breaking News Hindi

हीमोफीलिया की खोज किसने और कब की थी ?

वर्तमान समय में हमें कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है. इनमें से कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं कि उनका होना हमारे लिए बहुत खतरनाक होता है.

हीमोफीलिया की खोज किसने और कब की थी ?

वर्तमान समय में हमें कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है. इनमें से कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं कि उनका होना हमारे लिए बहुत खतरनाक होता है. लेकिन फिर भी उन बीमारियों के बारे में जानना बहुत ही रोचक होता है. उनका इतिहास या फिर वो बीमारियां कहां से शुरू हुई. इस तरह के लोगों के मन में सवाल आते रहते हैं. इसी तरह का एक सवाल जो आमतौर पर पूछा जाता है कि हीमोफीलिया की खोज किसने और कब की थी ? अगर आपके मन में भी ऐसा ही सवाल है, तो इस पोस्ट में इसी सवाल का जवाब जानते हैं.

विज्ञापन
17 04 2020 world hemophilia day 2020 20197974 8333939
हीमोफीलिया

हीमोफीलिया या शाही बीमारी क्या होती है-

इस बीमारी के अतीत के बारे में जानने से पहले हमारे लिए इस बीमारी के बारे में जानना जरूरी होता है. अगर हीमोफीलिया की बात करें, तो इस बीमारी में जब हमारे शरीर पर कोई चोट लग जाती है, तो हमारा खून नहीं रूकता है. आमतौर पर चोट लगने पर प्राथमिक उपचार के बाद खून रूक जाते हैं, लेकिन इस बीमारी के मरीजो के खून नहीं रूकते हैं. इस बीमारी को शाही बीमारी भी कहा जाता है. इसके पीछे का कारण यह है कि यह रोग ज्यादात्तर शाही परिवार के लोगों के में पाया जाता था. इसी कारण इसको शाही बीमारी भी कहा जाने लगा.

17 04 2018 17local100 1
हीमोफीलिया

हीमोफीलिया की खोज -

इस बीमारी की खोज की बात करें, तो इसकी खोज 10 वीं शताब्दी में हुई थी. उस समय इस बीमारी को Abulcasis के नाम से जाना जाता था. इसके बाद लोगों ने इस बीमारी को गंभीरता से लिया. इसके ऊपर कई तरह की रिसर्च की गई. 1803 में फिलाडेल्फिया के डॉ० जॉन कॉनराड ओटो ने "ब्लीडर्स" नाम के लोगों का अध्ययन करना शुरू किया. इसके बाद उन्होंने बताया कि यह बीमारी एक वंशानुगत बीमारी होती है. वंशानुगत का अर्थ है, जो बीमारी माता-पिता से बच्चों में आती है. इस बीमारी के प्रति जागरूकता के लिए 17 अप्रैल, 1989 को वर्ल्ड हीमोफीलिया मनाने की शुरूआत की गई. इसकी शुरूआत वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफीलिया द्वारा की गई थी. काफी लोगों के मन में सवाल होता है कि आखिर 17 अप्रैल को ही वर्ल्ड हीमोफीलिया डे मनाने का निर्णय क्यों लिया गया. दरअसल, इसके पीछे का कारण यह है कि इसी दिन वर्ल्ड फेडरेशन हीमोफीलिया (WFH) के संस्थापक फ्रैंक श्नाबेल (Frank Schnabel's) का जन्मदिन था. उनको सम्मान देने के लिए इस दिन को चुना गया.

यह भी पढ़ें : एड्स की खोज कब और किसने की थी ?

काफी लोगों के मन में यह भी सवाल होता है कि इस बीमारी के होने के पीछे का मुख्या कारण क्या है. दरअसल, हमारे शरीर में एक प्रोटीन होता है. जो हमारे शरीर पर चोट लगने की अवस्था में सक्रिय हो जाता है. इसी के कारण चोट के बाद वहां खून के थक्के बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है और रक्त का प्रवाह कुछ समय में रूक जाता है. लेकिन आनुवांशिक कारणों से काफी बार हमारे शरीर में इस तत्व की कमी हो जाती है. इस कारण हमारे शरीर में खून बहना शुरू होने के कारण रूक नहीं पाता है. इसे ही हीमोफीलिया कहते हैं.

Today latest news in hindi के लिए लिए हमे फेसबुक , ट्विटर और इंस्टाग्राम में फॉलो करे | Get all Breaking News in Hindi related to live update of politics News in hindi , sports hindi news , Bollywood Hindi News , technology and education etc.

KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →