ट्रंप के भारत दौरे की बात ओवल ऑफिस तक पहुँची — राजदूत गोर बोले, मोदी-ट्रंप की दोस्ती दोनों देशों के रिश्तों की असली ताकत
भारत में तैनात अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में एक अहम खुलासा किया — राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद ओवल ऑफिस में उनसे पूछा, "तो मैं भारत कब आ रहा हूं?" यह बयान भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर चल
भारत में तैनात अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में एक अहम खुलासा किया — राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद ओवल ऑफिस में उनसे पूछा, "तो मैं भारत कब आ रहा हूं?" यह बयान भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर चल रही हर अटकल को सिरे से खारिज करता है।
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस में दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में राजदूत गोर ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच का व्यक्तिगत रिश्ता ही इस द्विपक्षीय साझेदारी की सबसे मजबूत नींव है।
फ्रांस में एक घंटे से लंबी मुलाकात, गोर भी रहे मौजूद
हाल ही में फ्रांस में दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक का ज़िक्र करते हुए गोर ने बताया कि वह स्वयं उस बैठक में शामिल थे। उन्होंने कहा, "यह एक शानदार और बेहद सौहार्दपूर्ण बैठक थी, जो एक घंटे से अधिक समय तक चली। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा और कई अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। यह बेहद सार्थक बैठक रही।"
भारत-अमेरिका संबंधों की स्थिति पर सीधे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि हमारे संबंध बहुत अच्छी स्थिति में हैं। इस रिश्ते की सबसे बड़ी मजबूती राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच का व्यक्तिगत संबंध है, जो हमेशा मजबूत रहा है।"
दोनों नेताओं की कार्यशैली में गोर को दिखती है गहरी समानता
राजदूत गोर ने प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि उनमें और राष्ट्रपति ट्रंप में कई स्तरों पर समानताएँ हैं। उनके शब्दों में, "वह बेहद ऊर्जावान, सक्रिय और परिणाम देने वाले नेता हैं। कई मायनों में मुझे उनमें और राष्ट्रपति ट्रंप में काफी समानताएं दिखाई देती हैं, क्योंकि दोनों खुद काम में सक्रिय रहते हैं, तेजी से फैसले लेते हैं और परिणाम हासिल करने पर जोर देते हैं।"
उन्होंने आगे जोड़ा, "प्रधानमंत्री मोदी किसी काम को पूरा करना चाहते हैं तो तुरंत उस पर आगे बढ़ते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप भी बिल्कुल इसी तरह काम करते हैं। मेरा मानना है कि यही उनकी दोस्ती और रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत है। दोनों की सोच मिलती-जुलती है और दोनों परिणाम देना चाहते हैं।"
ट्रंप की पहली भारत यात्रा आज भी ज़ेहन में ताज़ा
गोर ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत के प्रति हमेशा से सकारात्मक रहे हैं और अपनी पहली भारत यात्रा की यादें आज भी उनके मन में जीवित हैं। उन्होंने कहा, "वह अक्सर अपनी पहली भारत यात्रा और वहां की जीवंतता का जिक्र करते हैं। यह अनुभव वह कभी नहीं भूले हैं।"
ट्रंप के भारत के प्रति नज़रिए पर गोर ने स्पष्ट किया, "राष्ट्रपति ट्रंप भारत के प्रति बेहद सकारात्मक हैं। भारत के साथ हमारे संबंध बहुत गहरे और लंबे समय से चले आ रहे हैं। वह हमेशा प्रधानमंत्री मोदी को अपना अच्छा मित्र बताते रहे हैं।"
निरंतर संवाद को गोर ने बताया अपनी प्राथमिकता
राजदूत गोर ने भारत में अपनी भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, "भारत पहुंचने के बाद से मेरा लक्ष्य यही रहा है कि दोनों पक्ष लगातार बातचीत करते रहें, रिश्तों को आगे बढ़ाएं और ऐसे अवसर तलाशें जो दोनों देशों के लिए समान रूप से लाभकारी हों।"
उल्लेखनीय है कि मोदी और ट्रंप के बीच व्यक्तिगत तालमेल दोनों के कार्यकाल में भारत-अमेरिका संबंधों की एक स्थायी विशेषता रही है। दोनों देश व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र, आर्थिक सहयोग, सुरक्षा और उभरती तकनीकों सहित कई मोर्चों पर साझेदारी को लगातार विस्तार दे रहे हैं।
इनपुट: IANS



