मंगलवार, 21 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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ईरान ने परमाणु संयंत्र पर अमेरिकी हमले को बताया अवैध, UN और IAEA से की कार्रवाई की मांग

ईरान ने अपने निर्माणाधीन दारखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए हमले के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के…

ईरान ने परमाणु संयंत्र पर अमेरिकी हमले को बताया अवैध, UN और IAEA से की कार्रवाई की मांग
(फोटो: IANS)

ईरान ने अपने निर्माणाधीन दारखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए हमले के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) से इन हमलों की कड़ी निंदा करने और इन्हें रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।

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ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, 19 जुलाई की सुबह अमेरिकी सेना ने दारखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण स्थल पर कई मिसाइलें दागीं। ईरान का कहना है कि यह संयंत्र पूरी तरह से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बनाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य देश के बिजली ग्रिड के लिए विद्युत उत्पादन करना है। इसे ईरान ने अपनी वैज्ञानिक उपलब्धियों और तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी बताया है।

हमलों के पीछे अमेरिका और इजरायल का हाथ: ईरान

ईरानी मिशन ने दावा किया है कि जून 2026 से लेकर अब तक, अमेरिका और इजरायल द्वारा उसके शांतिपूर्ण और अंतरराष्ट्रीय निगरानी वाले परमाणु केंद्रों पर यह 18वां हमला है। ईरान के अनुसार, इन हमलों का एकमात्र उद्देश्य उसके नागरिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करना है, क्योंकि उसने दबाव के आगे झुकने और 'बिना शर्त आत्मसमर्पण' करने से इनकार कर दिया है।

ईरान ने यह भी कहा कि इस घटना से यह साबित होता है कि परमाणु प्रसार को लेकर उस पर लगाए जाने वाले आरोप केवल "झूठ और भ्रामक जानकारी" हैं, जिनका मकसद असली इरादों को छिपाना है।

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कार्रवाई की अपील

ईरान ने चिंता जताई है कि शांतिपूर्ण परमाणु संयंत्रों पर हमले अब आम होते जा रहे हैं, क्योंकि संबंधित अंतरराष्ट्रीय संगठन अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से नहीं निभा रहे हैं। ईरान ने चेतावनी दी कि अगर इस तरह के हमलों पर चुप्पी साधी गई, तो हमलावर देशों को भविष्य में भी ऐसे कदम उठाने का प्रोत्साहन मिलेगा।

इसी सिलसिले में, 19 जुलाई को ईरान के उपराष्ट्रपति और परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख ने IAEA के महानिदेशक को एक पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ईरान का मानना है कि ये हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर, परमाणु अप्रसार संधि (NPT) और IAEA के सिद्धांतों का भी उल्लंघन करते हैं।

इनपुट: IANS

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