जानिए इंसान का दिमाग किस हिस्से से सोचता व ध्यान लगाता है

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जानिए इंसान का दिमाग किस हिस्से से सोचता व ध्यान लगाता है

हम जब कोई भी फ़ैसला लेते हैं, तब जाकर किसी नतीजे पर पहुंचते हैं, तो उससे पहले हमारे दिमाग में द्वंद्व चल रहा होता है. सहज बोध और तार्किकता के बीच. इस द्वंद्व में जिसकी जीत होती है, हमारा नतीजा उसी से प्रभावित होता है. अगर आप ये सोचने लगे हों तो आप किसी के किए गए कार्य पर फैसले देने लगते हो, और अपने फैसले लेने लगते है.

हम लोगों में से ज़्यादातर लोग यह मानते हैं कि हम तार्किकता से फ़ैसले लेते हैं, लेकिन ज़्यादतर मामलों में ऐसा होता नहीं होता है. बता दें कि प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर डेनियल काहनेमन ने इंसानी दिमाग के इसी पहलू को भांपने पर काम शुरू किया था. जिसने उन्हें नोबेल पुरस्कार दिलाया था. उन्होंने अपने काम में इंसानी ग़लतियों को आधार बनाया है. ये अचानक हुई ग़लतियां नहीं हैं बल्कि ऐसी ग़लतियां हैं जो हम सब करते हैं, और हमे इसका एहसास भी नहीं होता है.

शोधकर्मियों के मुताबिक, हाल ही में वैज्ञानिकों ने सुपीरियर कोलिकुलस कहे जाने वाले मस्तिष्क के मध्यवर्ती हिस्से का ध्यान से संबंध होने की दिशा में अध्ययन किया था. बताते चले कि एक प्रोफेसर और अध्ययन में शामिल देवराजन श्रीधरन ने बताया कि एससी क्रमिक विकास की प्रक्रिया के साथ मस्तिष्क का संरक्षित मध्यवर्ती हिस्सा है. यह मछली, छिपकली, पक्षियों और स्तनधारी जंतुओं सहित सभी कशेरुकी जंतुओं में होता है.

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एक निगेटिवी भी हमारे अंदर होती है, जिसके चलते हमें नकारात्मक घटनाएं सकारात्मक घटनाओं के मुक़ाबले पहले याद आती हैं. इन पूर्वाग्रह की मान्यताओं का सबसे ज़्यादा असर हमारे मस्तिष से जुड़ा होता है.