सबसे पहले इतिहास को तीन भागों में कब बांटा गया
भारतीय इतिहास को सबसे पहले 1817 में स्काटिश अर्थशास्त्री जेम्स मिल ने तीन भागों में विभाजित किया था - हिंदू, मुस्लिम और ब्रिटिश शासन काल। यह विभाजन धर्म के आधार पर किया गया था।
इतिहास शब्द का सर्वप्रथम उल्लेख अथर्वेद में मिलता है. इतिहास शब्द इति + ह + आस इन तीन शब्दों से मिलकर बना है. जिसका शाब्दिक अर्थ होता है- निश्चित रूप से ऐसा ही था. अंग्रजी के शब्द हिस्ट्री की व्युत्पत्ति यूनानी भाषा के हिस्टोरिया शब्द से हुई है. जिसका शाब्दिक अर्थ है- शोध से प्राप्त ज्ञान. हिस्ट्रीज शब्द का सबसे पहले प्रयोग यूनान के प्रसिद्ध इतिहासकार हेरोडोटस ने अपनी पुस्तक द हिस्ट्रीज में किया. हेरोडोटस को इतिहास का पिता भी कहा जाता है.

इतिहास बहुत बड़ा विषय है इसलिए इसके अध्ययन को सुविधाजनक बनाने के लिए इसको कई कालखंड़ों में विभाजित किया गया है. कुछ इतिहासकारों ने भारतीय इतिहास को प्रागैतिहासिक काल , अद्ध ऐतिहासिक काल तथा ऐतिहासिक काल में विभाजित किया. प्रागैतिहासिक काल वह काल है जिसका हमारे पास कोई भी लिखित साक्ष्य नहीं है. अद्ध ऐतिहासिक काल वह काल है जिसका हमारे पास लिखित साक्ष्य तो है, लेकिन हम अभी उसे पढ़ नहीं पाएं हैं, जैसे कि हडप्पा सभ्यता का काल. ऐतिहासिक काल वह काल है, जिसका हमारे पास लिखित साक्ष्य भी है तथा हम उसको पढ़ भी पाएं हैं.

इसके अलावा कुछ विद्वानों ने इतिहास कालखंड़ को प्राचीन इतिहास , मध्यकालिन इतिहास तथा आधुनिक इतिहास के कालखंड़ में विभाजित किया है. भारत में मध्यकाल की शुरूआत दिल्ली सल्तनत काल से मानी जाती है तथा आधुनिक भारत की शुरूआत कुछ विद्वान 1707 ईं. में औरंगजेब की मृत्यु हुई उस समय से मानते हैं तथा कुछ विद्वान 1857 ईं. की क्रांति से आधुनिक भारत की शुरूआत मानते हैं.
यह भी पढ़ें: अकबर के 9 रत्नों के नाम और उनका महत्व
भारत के इतिहास को तीन भागों में एक स्काटिश अर्थशास्त्री और दार्शनिक जेम्स मिल ने विभाजित किया था. जेम्स मिल ने 1817 ईं. में ब्रिटिस भारत के इतिहास पर पुस्तक लिखी. जिसमें भारतीय इतिहास को तीन भागों में विभाजित किया गया. पहला काल जब हिंदू शासक थे. दूसरा काल जब मुस्लिम शासक थे तथा तीसरा काल जब ब्रिटिश शासक थे. धर्म के आधार पर विभाजित करने के कारण उनके इस विभाजन पर कई सवाल भी उठाएं जाते हैं.



