शांति प्राप्त करने का भगवान बुद्ध ने क्या उपाय बताया?
मान्यताओं के अनुसार, भगवान बुद्ध (Lord Buddha) कहा करते थे कि इस संसार में अति दो प्रकार की होती है. पहली अति भोग-विलास में, काम-सुख में मनुष्य डूब जाता है.
मान्यताओं के अनुसार, भगवान बुद्ध (Lord Buddha) कहा करते थे कि इस संसार में अति दो प्रकार की होती है. पहली अति भोग-विलास में, काम-सुख में मनुष्य डूब जाता है. भूले हुए लोग इसी अति में पड़ते हैं. दूसरी अति होती है शरीर को अधिक पीड़ा देकर तपस्या करना.
विभिन्न संसाधनों के जरिए खुद को कई प्रकार से कष्ट में डालना. दोनों अति को छोड़कर तथागत ने एक मध्यम मार्ग खोज निकाला, जिसे अष्टांगिक मार्ग कहते हैं. महात्मा बुद्ध के अनुसार, जो भी मनुष्य आष्टांगिक मार्ग पर चलता है उसे शांति और ज्ञान की प्राप्ति होती है. भगवान बुद्ध के द्वारा कही गई बातें आज भी लोगों का मार्गदर्शन कर रही हैं. जिनको जीवन में अपनाने सफलता और शांति की प्राप्ति होती है.

- भगवान बुद्ध (Lord Buddha) ने कहा था मनुष्य को जंगली जानवर से नहीं बल्कि एक दुष्ट और कपटी मित्र से डरना चाहिए. जंगली जानवर केवल मनुष्य के शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है, परन्तु एक बुरा मित्र दिमाग को भी क्षति पहुंचा सकता है. व्यक्ति के जीवन में स्वास्थ्य की सबसे उपहार है. संतोष सबसे बड़ा धन है.
- घृणा करने से नहीं बल्कि प्रेम से कम होती है ये शाश्वत नियम है.
- मनुष्य को कभी भी अतीत के बारे में नहीं सोचना चाहिए. केवन भविष्य का सपना देखते हुए वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

- भगवान बुद्ध ने कहा था, खुद कोशिश करने की मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है. इसके लिए किसी भी दूसरे मनुष्य पर निर्भर नहीं होना चाहिए.
- किसी भी मनुष्य के जीवन से तीन चीजें ज्यादा देर तक छुपकर नहीं रखी जा सकती है. सूरज, चंद्रमा और सत्य.
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