जानिए, क्या है चमकी बुखार और कैसे फैलता है ?
बिहार में एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम या चमकी बुखार के कारण सैकड़ों बच्चों की मौत हो चुकी है।
बिहार में एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम या चमकी बुखार के कारण सैकड़ों बच्चों की मौत हो चुकी है। इस बीमारी की भयावहता को देखते हुए यह जानना ज़रूरी हो जाता है कि आख़िर चमकी बुखार क्या है और यह कैसे फैलता और किस प्रकार की सावधानियां अपनाकर इससे बचा जा सकता है। चलिए इस लेख के ज़रिए समझते हैं कि आख़िर चमकी नाम की बीमारी है क्या।

1- दरअसल, चमकी बुखार दिमाग से जुड़ी हुई बीमारी है। हमारे दिमाग में लाखों कोशिकाएं और तंत्रिकाएं होती हैं, जिनके सहारे हमारे शरीर के तमाम अंग काम करते हैं। जब इन कोशिकाओं में सूजन आ जाती है, तो इसे ही चमकी बुखार या एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम कहते हैं।
2- चमकी बुखार एक संक्रामक बीमारी है। इस बीमारी के वायरस जब शरीर में पहुंचते हैं और खून में शामिल होते हैं, तो इनका प्रजनन शुरू हो जाता है और धीरे-धीरे ये अपनी संख्या बढ़ाते जाते हैं। खून के साथ बहकर ये वायरस मस्तिष्क तक पहुंच जाते हैं। मस्तिष्क में पहुंचने पर ये वायरस कोशिकाओं में सूजन का कारण बनते हैं और शरीर के 'सेंट्रल नर्वस सिस्टम' को खराब कर देते हैं।
3- तुरंत इलाज बेहद ज़रूरी- चमकी बुखार एक गंभीर व खतरनाक बीमारी है, जिसमें तुरंत इलाज की ज़रूरत होती है। अगर देर की जाए, तो व्यक्ति की जान जाने का खतरा बढ़ जाता है। बिहार में एक्यूट इंसेफ्लाइटिस के कारण पहले भी हजारों बच्चों की जानें जा चुकी हैं। यही नहीं, खास बात ये है कि ये बीमारी सिर्फ बच्चों ही नहीं, बल्कि वयस्कों और बुजुर्गों को भी प्रभावित कर सकती है।
4- चमकी क्या है चमकी बुखार या इंसेफ्लाइटिस के लक्षण – चमकी बुखार या इंसेफ्लाइटिस के लक्षणों को पहचान पाना आसान नहीं है, क्योंकि यह वायरस दिमाग के जिस हिस्से को प्रभावित करता है, उसके अनुसार अलग-अलग लक्षण दिखाई देते हैं। मगर ज्यादातर मामलों में कुछ सामान्य लक्षण देखने को मिलते हैं। जैसे- सिर चकराना, सिर में लगातार हल्का या तेज़ दर्द होना, अचानक बुखार आ जाना व ठीक न होना, पूरे शरीर में दर्द महसूस करना, जी मिचलाना व उल्टी होना, चेतना खो जाना व बेहोश हो जाना, आंखों के सामने अंधेरा छा जाना, सुनने में दिक्कत होना, दिमाग का ठीक तरीक़ें से काम न करना।
4- बच्चों हो रहे हैं ज्यादा शिकार- दरअसल, बिहार में जिन जगहों पर यह चमकी बुखार बच्चों का काल बनकर उनकी जान ले रहा है, उनमें से ज़्यादातर बच्चे गरीब परिवारों से हैं और कुपोषण का शिकार भी हैं। खाने की उचित व्यवस्था न हो पाने के कारण ये बच्चे शारीरिक रूप से कमज़ोर हैं और इनका प्रतिरक्षा तंत्र यानी इम्यून सिस्टम (वायरस और बैक्टीरिया से फैलने वाले रोगों से शरीर को बचाने वाला सिस्टम) भी बहुत कमजोर है। ऐसे में वायरस के प्रभाव के कारण इन बच्चों का ब्लड शुगर बहुत जल्दी गिर जाता है।

6- ऐसे फैलता है चमकी बुखार- चमकी बुखार एक संक्रामक बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर व्यक्ति के इस बीमारी के संक्रमित हो जाने के बाद उसके मल-मूत्र, थूक, छींक आदि (शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थ) के संपर्क में आने से दूसरे व्यक्ति में भी इंसेफ्लाइटिस के वायरस पहुंच सकते हैं।



