RG कर डॉक्टर केस: दो साल बाद भी न्याय का इंतजार, स्वास्थ्य मंत्री ने फिर खोली जांच की फाइल
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर से बलात्कार और हत्या की घटना को दो साल पूरे हो गए हैं, लेकिन परिवार को अब भी न्याय का इंतजार है। इस बीच, पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शरदव…
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर से बलात्कार और हत्या की घटना को दो साल पूरे हो गए हैं, लेकिन परिवार को अब भी न्याय का इंतजार है। इस बीच, पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखोपाध्याय ने मामले की फाइल फिर से खोल दी है ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस हादसे के दो साल बाद भी यह मालूम नहीं है कि सच क्या है और इसके पीछे कौन लोग थे।
स्वास्थ्य मंत्री मुखोपाध्याय ने सवाल उठाया, "यहां पर जितना भी प्रमाण था, उसे गायब क्यों किया गया। उसके पीछे कौन थे, किसके आदेश में किया गया, वही हम खोज रहे हैं। सच का सामना सबको करना पड़ेगा। इसीलिए दोबारा यह फाइल खोली है।" उन्होंने जोर देकर कहा, "हम सच की तलाश में हैं। सच के लिए हम लोग कुछ भी कर सकते हैं।"
जांच और परिवार का संघर्ष
इस मामले की जांच राज्य स्वास्थ्य विभाग की एक कमेटी कर रही है, साथ ही सीबीआई ने भी अपनी पुरानी टीम बदलकर एक नई टीम बनाई है जो सबूत जुटाने में लगी है। पीड़िता के पिता ने कहा, "न्याय दिलाने की कोशिश चल रही है। अभी राज्य सरकार हमारी पूरी मदद कर रही है। सीबीआई की पुरानी टीम हटाकर नई टीम बनाई गई है। ये लोग भी पूरी इनफॉरमेशन जुटाने की कोशिश में हैं।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस केस से तत्कालीन सरकार का संबंध था।
जब देश हिल गया था
यह घटना 9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में हुई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके बाद न्याय की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर आंदोलन, विरोध प्रदर्शन, भूख हड़ताल और जुलूस निकाले गए थे। इस दौरान राज्य की राजनीतिक तस्वीर भी बदली है; जो तब विपक्ष में थे, आज वे सत्ता में हैं और पीड़िता की मां को लोगों ने भाजपा विधायक के रूप में चुना है।
दो साल बीत जाने पर पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने काटवा उप-मंडलीय अस्पताल में पीड़िता को कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी और मामले में जल्द न्याय की मांग की।
इनपुट: IANS



