वायनाड भूस्खलन: पहली बार घर से कमाने निकले झारखंड के अनमोल का शव रांची पहुंचा
केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन में जान गंवाने वाले झारखंड के प्रवासी मजदूर अनमोल डोडराय का पार्थिव शरीर गुरुवार को रांची लाया गया। यह पहली बार था जब खूंटी जिले के रहने वाले अनमोल अपने परिवार से दूर का
केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन में जान गंवाने वाले झारखंड के प्रवासी मजदूर अनमोल डोडराय का पार्थिव शरीर गुरुवार को रांची लाया गया। यह पहली बार था जब खूंटी जिले के रहने वाले अनमोल अपने परिवार से दूर काम करने के लिए निकले थे, लेकिन तीन महीने बाद ही एक हादसे ने उनकी जान ले ली। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, रांची एयरपोर्ट पर परिवार के सदस्यों और श्रम विभाग के अधिकारियों ने उनका शव प्राप्त किया, जिसे अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव भेज दिया गया है।
अनमोल डोडराय खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड स्थित जरिया गांव के निवासी थे। खूंटी के लेबर सुपरिटेंडेंट के मुताबिक, वह कुछ महीने पहले वायनाड में एक सुरंग निर्माण परियोजना में मजदूरी करने गए थे, जहां भूस्खलन की चपेट में आने से उनकी मृत्यु हो गई। गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे उनका शव विमान से रांची हवाई अड्डे पहुंचा, जहां से एंबुलेंस के जरिए उसे गांव रवाना किया गया।
परिवार की पीड़ा और भविष्य की चिंता
अनमोल की बड़ी बहन प्रेमलता ने बताया कि उनका भाई बहुत सीधा-सादा और ईमानदार था और उसे बाहरी दुनिया के कामकाज का अधिक अनुभव नहीं था। परिवार को भी यह ठीक से नहीं पता था कि वह केरल में वास्तव में क्या काम करता है। अनमोल ने उन्हें बताया था कि वह वहां गार्ड की नौकरी करता है। प्रेमलता ने कहा, "वह करीब तीन महीने पहले पहली बार घर से बाहर निकला था... भूस्खलन की घटना में अनमोल की मौत की खबर मिलने के बाद पूरा परिवार सदमे में है।"
इस दुखद घटना के बाद परिवार ने सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। प्रेमलता के अनुसार, परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और उनके पिता खेती करके घर चलाते हैं। घर में माता-पिता के अलावा एक छोटा भाई और एक छोटी बहन हैं, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई और मुआवजे का आश्वासन
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वे उस कंपनी के बारे में जानकारी एकत्र कर रहे हैं जहां अनमोल काम करते थे। कंपनी और संबंधित प्रशासन से संपर्क साधकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने यह भी आश्वासन दिया कि विभाग की ओर से मिलने वाली सहायता राशि और अन्य लाभ दिलाने के लिए तत्काल प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि वायनाड प्रशासन से लगातार संपर्क बनाए रखा गया था, लेकिन राहत और बचाव कार्य जारी रहने के कारण जानकारी जुटाने में कुछ समय लगा। अब मृतक के परिवार को नियमानुसार सहायता दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इनपुट: IANS



