मंगलवार, 18 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

ट्रंप प्रशासन के खनिज सौदों पर डेमोक्रेट्स ने उठाए गंभीर सवाल, हितों के टकराव और भ्रष्टाचार की आशंका

अमेरिका में 50 से अधिक डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप प्रशासन द्वारा किए जा रहे 'अहम खनिजों' (Critical Minerals) से जुड़े अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि इन सौदों से…

ट्रंप प्रशासन के खनिज सौदों पर डेमोक्रेट्स ने उठाए गंभीर सवाल, हितों के टकराव और भ्रष्टाचार की आशंका
(फोटो: IANS)

अमेरिका में 50 से अधिक डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप प्रशासन द्वारा किए जा रहे 'अहम खनिजों' (Critical Minerals) से जुड़े अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि इन सौदों से राजनीतिक रूप से जुड़े परिवारों को आर्थिक लाभ पहुंचाया जा सकता है, जबकि अमेरिकी करदाताओं को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन सांसदों ने प्रशासन के चार वरिष्ठ अधिकारियों को एक पत्र लिखकर इन समझौतों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है।

विज्ञापन

यह पत्र अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर, सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो, कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक और ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट को भेजा गया है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले 54 सांसदों में भारतीय-अमेरिकी रो खन्ना और श्री थानेदार भी शामिल हैं। इस पूरी पहल का नेतृत्व हाउस नेचुरल रिसोर्सेज कमेटी के सदस्य जेरेड हफमैन, लिंडा सांचेज और जोनाथन जैक्सन कर रहे हैं।

समझौतों पर मुख्य चिंताएं क्या हैं?

सांसदों ने 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कजाकिस्तान में अमेरिका समर्थित खनिज समझौते से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक के परिवारों से जुड़ी कंपनियों को सीधा फायदा हो सकता है। पत्र में लिखा गया, "अगर मजबूत पारदर्शिता और जवाबदेही के उपाय न हों, तो इन निवेशों और लोन गारंटी से हितों के टकराव, अपने फायदे के लिए काम करने, खास लोगों को तरजीह देने और निगरानी कमज़ोर होने का खतरा पैदा होता है।"

उन्होंने यह भी बताया कि इन समझौतों के तहत अमेरिकी करदाताओं पर डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक के माध्यम से अरबों डॉलर के सीधे कर्ज और लोन गारंटी का बोझ पड़ सकता है। सांसदों का तर्क है कि अगर ये प्रोजेक्ट सफल होते हैं तो कंपनियां मुनाफा अपने पास रखती हैं, लेकिन अगर वे असफल हो जाते हैं तो नुकसान की भरपाई करदाताओं के पैसे से की जाती है।

मानवाधिकार और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे

डेमोक्रेट्स ने साफ किया कि वे चीन पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के लिए अमेरिकी खनिज सप्लाई चेन को मजबूत करने के पक्ष में हैं, लेकिन मौजूदा समझौतों के तरीके पर उन्हें आपत्ति है। उन्होंने कांगो, जाम्बिया, मलेशिया, अर्जेंटीना, इक्वाडोर, कंबोडिया और बांग्लादेश से जुड़े समझौतों की भी आलोचना की।

सांसदों ने आरोप लगाया कि विदेश विभाग ने जाम्बिया पर खनिज समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाने हेतु एचआईवी की दवाओं जैसी जरूरी मदद रोकने की धमकी दी थी। इसके अलावा, कांगो में खनन कार्यों की सुरक्षा कर रही एक अमेरिकी-समर्थित अर्धसैनिक बल की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। पत्र के अनुसार, कई देशों के साथ हुए समझौतों में पर्यावरण, श्रम या मानवाधिकारों की बाध्यकारी शर्तों के बिना अमेरिकी खनन निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →