विदिशा: केंद्रीय कृषि मंत्री के क्षेत्र में 76 हजार हेक्टेयर धान सूखे की चपेट में, जीतू पटवारी ने CM को लिखा पत्र
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में पानी की कमी के कारण धान की लगभग 76 हजार हेक्टेयर फसल बर्बादी की कगार पर पहुँच गई है। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि विदिशा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री…
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में पानी की कमी के कारण धान की लगभग 76 हजार हेक्टेयर फसल बर्बादी की कगार पर पहुँच गई है। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि विदिशा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संसदीय क्षेत्र है। इसी मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सोमवार को लिखे इस पत्र में पटवारी ने सरकार के 'कृषि कल्याण वर्ष' मनाने के दावों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार किसानों के कल्याण की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय कृषि मंत्री के अपने ही क्षेत्र में किसान सिंचाई के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने पत्र की एक प्रति सोशल मीडिया पर भी साझा की।
कम बारिश और बांध से पानी न मिलने का संकट
पटवारी ने अपने पत्र में बताया कि विदिशा जिले की कई तहसीलों में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, विदिशा तहसील में 29%, गुलाबगंज में 42%, कुरवाई में 31% और शमशाबाद में 30% वर्षा की कमी दर्ज की गई है। इस वजह से किसान अपनी फसल बचाने के लिए हलाली बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बांध में पर्याप्त पानी, फिर भी देरी क्यों?
कांग्रेस नेता ने सिंचाई विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हलाली बांध में पर्याप्त पानी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि बांध में वर्तमान में 231.87 मिलियन घनमीटर पानी है और जलस्तर 459.29 मीटर पर है, जो कि इसके पूर्ण जलभराव स्तर 459.61 मीटर के काफी करीब है। इसके बावजूद समय पर पानी न छोड़ने का निर्णय समझ से परे है। पटवारी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द ही आवश्यक कार्रवाई नहीं की तो किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।
इनपुट: IANS



