उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बड़े ब्रांडों का निवेश, 40 नई परियोजनाओं को मिली मंजूरी
उत्तर प्रदेश का खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दे रहा है, जिसमें वरुण बेवरेजेस, अमूल, आईटीसी और हल्दीराम जैसे बड़े ब्रांड भारी निवेश कर रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक…
उत्तर प्रदेश का खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दे रहा है, जिसमें वरुण बेवरेजेस, अमूल, आईटीसी और हल्दीराम जैसे बड़े ब्रांड भारी निवेश कर रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में इस क्षेत्र से जुड़ी 40 नई परियोजनाओं को सरकार की ओर से 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' (एलओसी) जारी किया गया है, जो निवेशक-केंद्रित औद्योगिक नीति का स्पष्ट संकेत है।
इन परियोजनाओं का बड़ा हिस्सा पूर्वांचल और मध्यांचल जैसे क्षेत्रों में केंद्रित है, जिससे पारंपरिक औद्योगिक केंद्रों से हटकर भी विकास को गति मिल रही है। इसका लक्ष्य कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन, किसानों के लिए नए बाजार बनाना और रोजगार के अवसर पैदा करना है, ताकि राज्य की एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिल सके।
पूर्वांचल में औद्योगिक विस्तार
पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी पूर्वांचल में कुल 10 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनसे प्रयागराज, अमेठी, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, बाराबंकी और देवरिया जैसे जिलों में औद्योगिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। वरुण बेवरेजेस प्रयागराज, अमेठी और गोरखपुर में अपनी परियोजनाएं स्थापित कर रही है, जिससे पेय पदार्थ निर्माण उद्योग को मजबूती मिलेगी।
इसी तरह, गोरखपुर में सीपी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स अपने कारोबार का विस्तार कर रही है, जबकि वाराणसी में बनासकांठा डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन (अमूल) की डेयरी परियोजना एक बड़ा उदाहरण है। इन परियोजनाओं से किसानों, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला और संगठित विनिर्माण के बीच बेहतर तालमेल बनने की संभावना है।
मध्यांचल बन रहा नया केंद्र
राज्य का मध्य क्षेत्र (मध्यांचल) भी खाद्य प्रसंस्करण के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां 12 परियोजनाओं के लिए एलओसी जारी किए गए हैं। अकेले हरदोई जिले में ही वरुण बेवरेजेस, आईटीसी, बालाजी वेफर्स और हल्दीराम जैसी कंपनियां अपनी इकाइयां लगा रही हैं।
इसके अलावा, कानपुर देहात में एचएल एग्रो प्रोडक्ट्स का विस्तार हो रहा है, जबकि सीतापुर में रेडिको खेतान और डालमिया चीनी मिल्स कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दे रही हैं। यूनाइटेड ब्रेवरीज, ग्लोबस स्पिरिट्स और आरएसपीएल लिमिटेड जैसी अन्य कंपनियों की परियोजनाएं भी इस क्षेत्र में प्रस्तावित हैं।
इनपुट: IANS



