नोएडा: फर्जी GST अफसर बन कंसल्टेंट से 29 लाख लूटे, परिचित मास्टरमाइंड समेत 5 गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा में जीएसटी कंसल्टेंट से 29 लाख रुपये की लूट की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में एक परिचित समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने खुद को जीएसटी अधिकारी बताकर…
ग्रेटर नोएडा में जीएसटी कंसल्टेंट से 29 लाख रुपये की लूट की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में एक परिचित समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने खुद को जीएसटी अधिकारी बताकर पूरी साजिश रची थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने आरोपियों के पास से लूटी गई पूरी रकम और वारदात में इस्तेमाल सामान भी बरामद कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरी साजिश का मुख्य आरोपी कशिश चौहान उर्फ ईशू चौहान है, जो पीड़ित संदीप को 2021 से जानता था। उसे पता था कि संदीप जीएसटी से जुड़े काम करते हैं और उन्हें बिलों में गड़बड़ी के चलते पहले भी नोटिस मिल चुके हैं। इसी जानकारी का फायदा उठाते हुए उसने अपने साथियों के साथ मिलकर ब्लैकमेल और लूट की योजना बनाई।
इस तरह दिया वारदात को अंजाम
यह घटना 20 जुलाई, 2026 की है, जब जीएसटी कंसल्टेंट संदीप अपनी कार से पालतू कुत्ते के साथ निकले थे। बिसरख थाना क्षेत्र में एस एस्पायर सोसायटी के पास आरोपियों ने अपनी गाड़ी आगे लगाकर उन्हें रोक लिया। एक आरोपी ने खुद को जीएसटी अधिकारी बताते हुए उनकी कार में घुस गया और फर्जी ई-वे बिल सत्यापन में गड़बड़ी का आरोप लगाया। इस दौरान मुख्य आरोपी कशिश ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर की वर्दी पहन रखी थी।
आरोपियों ने पीड़ित को जेल भेजने की धमकी दी और उसे उसकी ही कार में घुमाते रहे। इस बीच उन्होंने उसके पालतू कुत्ते को एक्सप्रेसवे पर एक साथी के हवाले कर दिया। दबाव बनाकर उन्होंने पीड़ित से ही उसके भाई को फोन करवाया और 29 लाख रुपये नकद मंगवाए। रकम हाथ लगते ही वे पीड़ित को उसकी कार समेत छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की पांच टीमों का गठन किया गया था। IANS से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान की और उन्हें जलपुरा रोड स्थित स्कॉन मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिजनौर निवासी कशिश चौहान (मुख्य आरोपी), दिल्ली नागरिक सुरक्षा बल से जुड़े राजेश पंवार, विवेक शर्मा, अंकित शाही और अंशुल के रूप में हुई है। पुलिस ने साफ किया है कि इनमें से कोई भी पुलिसकर्मी नहीं है।
लूट की पूरी रकम बरामद
पुलिस ने दावा किया है कि आरोपियों के कब्जे से शत-प्रतिशत रकम बरामद कर ली गई है। इसमें 24 लाख 50 हजार रुपये नकद और लूटे गए पैसों से खरीदे गए करीब 4.50 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात शामिल हैं। इसके अलावा, वारदात में इस्तेमाल दो कारें, सात मोबाइल फोन, एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर की वर्दी और दिल्ली सिविल डिफेंस की वर्दी भी जब्त की गई है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है।
इनपुट: IANS



