वाराणसी: गंगा के बाद अब वरुणा नदी भी उफान पर, निचले इलाकों में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बाद अब उसकी सहायक वरुणा नदी भी उफान पर है, जिससे शहर के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार…
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बाद अब उसकी सहायक वरुणा नदी भी उफान पर है, जिससे शहर के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, वरुणा का पानी किनारों को लांघकर रिहायशी बस्तियों में घुस गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बाढ़ के पानी ने वरुणा कॉरिडोर समेत कई सड़कों और गलियों को अपनी चपेट में ले लिया है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के घरों में पानी भर जाने से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
प्रशासन की तैयारी और अधिकारियों का दौरा
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने गंगा और वरुणा नदियों का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने शहर में कुल 46 बाढ़ राहत केंद्र स्थापित किए हैं। एहतियातन, निचले इलाकों में रहने वाले कुछ लोग इन राहत शिविरों में शरण लेने लगे हैं। इसके अलावा, नाविकों और घाटों पर रहने वालों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों की परेशानी और अपील
बाढ़ से प्रभावित एक स्थानीय निवासी सुनील यादव ने IANS को बताया कि पानी लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, "जब पानी बढ़ जाता है तो काफी परेशानी होती है। सामान उठाकर ऊपर की ओर जाना पड़ता है। ऐसे में खाने-पीने की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो जाता है।"
इस बीच, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने लोगों से अपील की है कि वे जोखिम भरे कामों से बचें और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करने का आग्रह किया है।
गंगा का जलस्तर
गुरुवार को गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर 70.26 मीटर से लगभग दो मीटर नीचे था। वाराणसी में गंगा के लिए खतरे का निशान 71.26 मीटर पर निर्धारित है। प्रशासन जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि पर नजर बनाए हुए है।
इनपुट: IANS



