बुधवार, 2 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
उत्तराखण्ड

उत्तराखंड: मान्यता नियमों के उल्लंघन पर रुद्रपुर में दो मदरसे सील, प्रशासन की कार्रवाई जारी

उत्तराखंड में मदरसों के लिए बनाए गए नए नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों पर धामी सरकार की सख्ती शुरू हो गई है। इसी क्रम में, उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में प्रशासन ने दो मदरसों को सील कर दिया…

उत्तराखंड: मान्यता नियमों के उल्लंघन पर रुद्रपुर में दो मदरसे सील, प्रशासन की कार्रवाई जारी
(फोटो: IANS)

उत्तराखंड में मदरसों के लिए बनाए गए नए नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों पर धामी सरकार की सख्ती शुरू हो गई है। इसी क्रम में, उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में प्रशासन ने दो मदरसों को सील कर दिया है, जिनमें से एक मौलाना मुफ्ती मुजीब का भी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन मदरसों का संचालन बिना आवश्यक मान्यता के किया जा रहा था।

विज्ञापन

यह कार्रवाई उत्तराखंड सरकार द्वारा मदरसा बोर्ड को खत्म कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाने के फैसले के बाद हो रही है। नए नियमों के तहत राज्य के सभी मदरसों को अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण और उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड, दोनों से मान्यता लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

जिले में मदरसों की स्थिति

उधम सिंह नगर जिला प्रशासन के मुताबिक, जिले में कुल 118 मदरसे चल रहे हैं। इनमें से 5 पहले ही बंद हो चुके हैं, जबकि लगभग 60 मदरसों ने अब तक मान्यता के लिए आवेदन ही नहीं किया है। बाकी मदरसों द्वारा जमा किए गए ऑनलाइन आवेदनों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन ने बताया कि जिन दो मदरसों को सील किया गया है, उनमें एक 'मदरसा जामियातुल हसनात' भी शामिल है, जो जाहिद रजा का है। इनके पास मान्यता से जुड़े ज़रूरी दस्तावेज़ नहीं थे।

प्रदेश स्तर पर हो रही है जांच

अल्पसंख्यक विभाग के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने जानकारी दी कि पहले प्रदेश में मदरसा बोर्ड के तहत 452 मदरसे पंजीकृत थे। अब इन सभी को नई व्यवस्था के तहत अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता लेनी होगी। उन्होंने साफ किया कि जो संस्थान प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उन्हें बंद कर दिया जाएगा। विभाग को अब तक लगभग 200 मदरसों के आवेदन मिल चुके हैं, जिनका मौके पर जाकर सर्वे और दस्तावेज़ों का सत्यापन किया जा रहा है।

सरकार का कड़ा रुख

मदरसों पर हो रही इस कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कई बार अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि देवभूमि में हर संस्थान को कानून और नियमों का पालन करना होगा। मुख्यमंत्री के शब्दों में, "देवभूमि में काबिलाई शिक्षा के लिए कोई स्थान नहीं है और मुल्लावादी सोच को पनपने नहीं दिया जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि कट्टरपन फैलाने के एक मामले में आरोपी मौलवी को जेल भेजा जा चुका है और कानून अपना काम कर रहा है।

इनपुट: IANS

N

News4Social उत्तराखंड डेस्क

News4Social उत्तराखंड डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से उत्तराखंड से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →