नैनीताल: दूषित पानी से बीमारी फैलने पर 6 इंजीनियर सस्पेंड, CM धामी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में दूषित पानी पीने से कई लोगों के बीमार पड़ने की घटना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को उन्होंने देहरादून में कहा कि इस लापरवाही के लिए…
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में दूषित पानी पीने से कई लोगों के बीमार पड़ने की घटना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को उन्होंने देहरादून में कहा कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ शुरुआती कार्रवाई भी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
यह पूरा मामला नैनीताल के जियोलीकोट और आसपास के गांवों से जुड़ा है, जहां पानी से फैलने वाली बीमारी के प्रकोप की आशंका बन गई थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री के आदेश पर उत्तराखंड जल संस्थान और पेयजल निगम के छह इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है। इन अधिकारियों पर प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति से जुड़े अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने का आरोप है।
लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई
निलंबित किए गए अधिकारियों में हल्द्वानी जल संस्थान के प्रभारी अधीक्षण अभियंता, नैनीताल जल संस्थान के एक सहायक अभियंता और एक अतिरिक्त सहायक अभियंता शामिल हैं। इसके अलावा, भीमताल पेयजल निगम के एक अधिशासी अभियंता, एक प्रभारी सहायक अभियंता और एक कनिष्ठ अभियंता पर भी गाज गिरी है।
मुख्यमंत्री धामी ने इस घटना को "दुखद" बताते हुए कहा, "जियोलीकोट इलाके की घटना बहुत दुखद है और निश्चित रूप से सभी को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय कर दी गई है और पहले चरण में कार्रवाई की गई है।" प्रशासन ने नैनीताल जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को भी चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट: IANS



