चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं को निशाना बनाने वाला गिरोह: गैंगस्टर एक्ट में सरगना गिरफ्तार
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों के साथ लगातार हो रही टप्पेबाजी (चोरी) की घटनाओं के पीछे एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ होने का खुलासा हुआ है। चमोली पुलिस ने इस गिरोह पर बड़ी…
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों के साथ लगातार हो रही टप्पेबाजी (चोरी) की घटनाओं के पीछे एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ होने का खुलासा हुआ है। चमोली पुलिस ने इस गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और इसके सरगना को देवप्रयाग से गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ का फायदा उठाकर वारदातों को अंजाम दे रहा था।
पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना सुनील कुमार को 11 सितंबर 2026 को देवप्रयाग से धर दबोचा। 26 वर्षीय सुनील कुमार मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर का रहने वाला है और वर्तमान में पंजाब के भटिंडा में रह रहा था। पुलिस टीम तकनीकी निगरानी और जमीनी सूचनाओं के आधार पर उस तक पहुंचने में कामयाब रही।
कैसे हुआ गिरोह का पर्दाफाश?
इस मामले की शुरुआत 27 अप्रैल 2026 को बद्रीनाथ कोतवाली में दर्ज हुए एक मुकदमे से हुई। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि यह कोई छोटी-मोटी चोरी की घटना नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का काम है। पुलिस ने पहले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान कृष्ण कुमार (28), दिया (25) और सुनील कुमार (26) के तौर पर हुई, जो पंजाब के भटिंडा के रहने वाले हैं। चौथा सदस्य ललित कुमार (31) राजस्थान के अलवर का निवासी है।
बद्रीनाथ से केदारनाथ तक फैला था नेटवर्क
गिरफ्तार सदस्यों से पूछताछ में यह बात सामने आई कि उनका आपराधिक नेटवर्क सिर्फ बद्रीनाथ तक ही सीमित नहीं था। गिरोह ने केदारनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं के साथ टप्पेबाजी की कई घटनाओं को अंजाम दिया था, जिसके संबंध में सोनप्रयाग थाने में भी एक मामला दर्ज है। इन तथ्यों के आधार पर चमोली पुलिस ने एक विस्तृत गैंगचार्ट तैयार किया और जिला मजिस्ट्रेट से मंजूरी लेकर पूरे गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई को चारधाम यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
इनपुट: IANS



