तमिलनाडु में बिजली कटौती: सड़कों पर उतरे लोग, सरकार और विपक्ष में तीखी नोकझोंक
तमिलनाडु में पिछले दो दिनों से जारी व्यापक बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है, जिससे आम जनजीवन और औद्योगिक गतिविधियाँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…
तमिलनाडु में पिछले दो दिनों से जारी व्यापक बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है, जिससे आम जनजीवन और औद्योगिक गतिविधियाँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस संकट को लेकर राज्य की टीवीके सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सरकार पर तीखा हमला बोला है, जबकि सरकार ने इसे पवन ऊर्जा उत्पादन में आई रुकावट का नतीजा बताया है।
राज्य के कई जिलों में लोग बिजली की अनियमित आपूर्ति के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। तिरुनेलवेली के मुदलियारपट्टी में निवासियों ने मशाल और मोमबत्तियां जलाकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, तिरुचि के श्रीरंगम विधानसभा क्षेत्र में अम्मापेट्टई और उत्तरी अरियावुर के लोगों ने लगातार दूसरे दिन भी सड़क जाम कर अपना गुस्सा जाहिर किया। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं।
जगह-जगह विरोध और औद्योगिक नुकसान
विरोध प्रदर्शनों का यह सिलसिला करूर और नामक्कल जैसे जिलों तक फैल गया है। करूर के कदावुर में स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले 10 दिनों से रोजाना चार से छह घंटे की बिजली कटौती हो रही है। इसी तरह, नामक्कल के पुदुकोट्टई और रासीपुरम में भी अघोषित कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
इस बिजली संकट का असर औद्योगिक इकाइयों पर भी पड़ा है। तिरुवल्लूर जिले के सेनगुंद्रम स्थित सिडको महिला औद्योगिक पार्क में कारखानों के अधिकारियों ने स्थानीय बिजली बोर्ड कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने कहा कि बार-बार बिजली जाने और लो-वोल्टेज की वजह से उत्पादन बाधित हो रहा है, जिससे उन्हें वित्तीय नुकसान झेलना पड़ रहा है।
सरकार का स्पष्टीकरण और विपक्ष का हमला
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बिजली मंत्री निर्मल कुमार ने पवन ऊर्जा उत्पादन में आई बाधा को इस कमी का कारण बताया। उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य राज्यों को भी प्रभावित कर रही है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार ने सामान्य बिजली वितरण नेटवर्क से आवश्यक बिजली खरीद ली है और गुरुवार शाम तक सभी क्षेत्रों में नियमित आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
हालांकि, विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन सरकार के इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा, "लगातार अनिर्धारित बिजली कटौती और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण लोगों को विरोध करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।" स्टालिन ने बिजली मंत्री पर संकट से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने के बजाय अनावश्यक आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रशासन को "फ्यूज-ब्लो टीवीके सरकार" की संज्ञा देते हुए कहा कि सरकार बिजली और आविन दूध जैसी आवश्यक सेवाओं को सुनिश्चित करने में संघर्ष कर रही है और उसे ध्यान भटकाने के बजाय लोगों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
इनपुट: IANS



