चमोली में भूस्खलन: मरीज को ले जा रही एंबुलेंस मलबे में फंसी, बाल-बाल बची जान
उत्तराखंड के चमोली जिले में बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं लगातार चिंता का सबब बनी हुई हैं। शनिवार को एक ऐसी ही घटना में, एक मरीज को अस्पताल ले जा रही 108 आपातकालीन एंबुलेंस मलबे की चपेट में आने से…
उत्तराखंड के चमोली जिले में बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं लगातार चिंता का सबब बनी हुई हैं। शनिवार को एक ऐसी ही घटना में, एक मरीज को अस्पताल ले जा रही 108 आपातकालीन एंबुलेंस मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बिरही-निजमुला मोटर मार्ग पर हुए इस भूस्खलन में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सड़क पूरी तरह बंद हो गई है।
यह घटना उस वक्त हुई जब निजमुला घाटी से एक बीमार महिला को जिला अस्पताल गोपेश्वर ले जाया जा रहा था। एंबुलेंस जैसे ही काली चट्टान के पास पहुंची, पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने लगे।
चालक की सूझबूझ से बची जान
खतरे को समय रहते भांपते हुए एंबुलेंस के चालक और स्टाफ ने तुरंत सूझबूझ दिखाई। उन्होंने फौरन मरीज को वाहन से बाहर निकाला और एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, एंबुलेंस सड़क पर आए मलबे के बीच ही फंसी रह गई।
इस भूस्खलन के कारण बिरही-निजमुला मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मलबा हटाकर रास्ता खोलने की मांग की है। लगातार बारिश के चलते इस इलाके में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों और यात्रियों में डर का माहौल है।
हालिया टनल हादसे की याद
यह घटना चमोली में हाल ही में हुए एक अन्य हादसे की याद दिलाती है, जब एक निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी घुसने से 7 लोगों की मौत हो गई थी। जिलाधिकारी गौरव कुमार के अनुसार, वह हादसा गुरुवार शाम लगभग 6:30 बजे हुआ था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पीपलकोटी स्थित उस आपदा-प्रभावित टनल स्थल का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया था।
इनपुट: IANS



