ऊंची जाति के लोगों ने पीटा तो दलित युवक ने उठाया यह खतरनाक कदम

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गुजरात के गांधीनगर के अरावली जिले के बामनवाड़ा गांव में ऊंची जाति के लोगो द्वारा परेशान होकर एक दलित युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आइये जानते हैं कि क्या है पूरा मामला-

अरावली जिले के बामनवाड़ा गांव के 25 वर्षीय दलित व्यक्ति राकेश परमार ने मंगलवार को अपने घर पर छत के पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। मृतक ने इससे पहले मई में मोडासा ग्रामीण पुलिस स्टेशन में छह उच्च जाति के व्यक्तियों और 15 अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव में उनके एक चचेरे भाई की शादी के कुछ दिनों बाद उसे कथित तौर पर पीटा गया था।

राकेश के पिता विनोद द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने इसके बाद आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है और आगे की जांच कर रहे हैं।

21 मई को राकेश ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सवर्ण दरबार समुदाय के छह लोगों ने उसे गाँव के तालाब के पास पीटा था और उससे पूछा था कि दलितों ने गाँव में शादी का जुलूस क्यों निकाला। आरोपी के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (1989) और आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

राकेश के चाचा जयंती ने कहा, “एफआईआर के बाद से वह (राकेश) बहुत परेशान दिख रहा था। हमें नहीं पता कि उसके बाद भी उसे धमकी दी जाती रही, क्योंकि उसने हमें कभी कुछ नहीं बताया।”

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अरावली पुलिस अधीक्षक मयूर पाटिल ने कहा, “हमने उस मामले में हर संभव कार्रवाई की। अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और बाद में HC द्वारा जमानत दे दी गई। मृतक के पिता ने कहा है कि दोपहर में अकेले रहने पर उसने आत्महत्या कर ली। अब तक हमें कोई सबूत नहीं मिला है कि किसी की धमकी के कारण उसने आत्महत्या की। हम यह पता लगाने के लिए कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच करेंगे। अगर उस संबंध में कुछ भी सामने आता है, तो हम मामले में उचित धाराओं को लागू करेंगे।”