खेरसॉन में सब्जी विक्रेता पर ड्रोन हमला: यूक्रेन ने रूस पर लगाया युद्ध अपराध का आरोप
यूक्रेन के खेरसॉन शहर में एक सब्जी विक्रेता पर हुए रूसी ड्रोन हमले के बाद राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर युद्ध अपराधों के गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया…
यूक्रेन के खेरसॉन शहर में एक सब्जी विक्रेता पर हुए रूसी ड्रोन हमले के बाद राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर युद्ध अपराधों के गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि यह आम नागरिकों के खिलाफ रूस की लगभग हर दिन की जाने वाली 'सफारी' जैसी कार्रवाई का हिस्सा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले की यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने भी कड़ी निंदा की है।
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में एक सब्जी विक्रेता अपनी ठेलेगाड़ी के पास खड़ा दिखाई देता है, तभी एक ड्रोन उसका पीछा करने लगता है। खुद को बचाने के लिए वह व्यक्ति अपनी गाड़ी के चारों ओर भागता है और हाथ उठाकर याचना करता है, लेकिन ड्रोन उस पर हमला कर देता है। इस हमले में 52 वर्षीय व्यक्ति घायल हो गया और उसके सिर पर चोट आई है।
रूस पर डर और दहशत फैलाने का आरोप
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "रूस किसे निशाना बना रहा है। कोई सैन्य ठिकाना नहीं, बल्कि काम कर रहा एक आम नागरिक।" मंत्रालय ने आगे कहा कि यह हमला "निर्दोष आम नागरिकों के खिलाफ डर और दहशत फैलाने का एक जानबूझकर चलाया जा रहा अभियान है।" मंत्रालय ने रूस पर और कड़ा दबाव डालने की मांग करते हुए कहा कि इन अपराधों को बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
राष्ट्रपति जेलेंस्की की कड़ी प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस घटना को रूसियों द्वारा किया गया एक और तथाकथित 'सफारी' वीडियो बताया, जिसमें वे खेरसॉन में लोगों का शिकार करते दिखते हैं। उन्होंने अपने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "एक रूसी ड्रोन ने खेरसॉन में सब्जियां बेच रहे एक व्यक्ति का जानबूझकर पीछा किया और उसके पास जाकर विस्फोट किया। खुद रूसियों ने भी इस अपराध को स्वीकार किया।"
जेलेंस्की ने दुनिया से इन घटनाओं पर ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि रूस पर दबाव डाले बिना और उसके खिलाफ ठोस सुरक्षा गारंटी के बिना शांति की कल्पना करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि यह केवल यूक्रेन का मामला नहीं है, बल्कि यह हिंसा अन्य देशों तक भी फैल सकती है, और इसे रोकने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।
इनपुट: IANS



